- भारतीय सीमा में प्रवेश के बाद जेल से छूट के आए लोगों ने अपनी खुशी जताई

- सभी पांच लोग कूचबिहार जिले के दिनहाटा व शीतलकूची के निवासी संवादसूत्र, चेंगड़ाबांधा : बांग्लादेश की लालमनीहाट जिले के जेल में दो सालों तक सजा काटने के बाद पांच भारतीय अपने देश लौटे। इनमें मोजीबुर रहमान, जयनाल मिया, आमिर हुसैन, मोहम्मद आलमगीर और मोहम्मद रेजाउल मिया शामिल है। दो साल बाद अपने देश में वापस आकर ये लोग बहुत खुश हैं। ये सभी कूचबिहार जिले के दिनहाटा व शीतलकूची इलाके के निवासी है। जेल की अवधि समाप्त होने के बाद, सोमवार को बांग्लादेश की ओर से इन लोगों की चेंगड़ाबांधा सीमा में भेज दिया गया।

बता दें कि ये सभी लोग दो साल पहले बाग्लादेश में अपने रिश्तेदारों से मिलने के लिए सीमा पार करने की कोशिश कर रहे थे। तभी अवैध रूप से सीमा में प्रवेश करने के क्रम में बीजीबी ने इन लोगों को गिरफ्तार किया। फिर इन लोगों को सजा के रूप में जेल भेज दिया गया। सजा पूरी होने के बाद इन पांच भारतीयों को वापस अपने देश भेजने के लिए बाग्लादेश प्रशासन बुड़ीमारी सीमा में लाया गया। इसके बाद भारतीय पुलिस, बीएसएफ और सीमा शुल्क अधिकारियों की उपस्थिति में पांचों को प्रशासन के हवाले कर दिया गया। हालांकि इस मामले में किसी अधिकारियों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

इधर बांग्लादेश के जेल में सजा पूरा होने के बाद मर्जिना बीबी सोमवार सुबह से अपने पति को लेने के लिए चेंगड़ाबांधा इमिग्रेशन चेकपोस्ट में खड़ी थी। उसने कहा कि दो साल से अधिक समय के बाद, मेरे पति देश लौट आए हैं। मैं उन्हें फिर कभी बाग्लादेश नहीं जाने दूंगा।

वही अन्य एक मजिबर रहमान ने कहा कि बुड़ीमारी सीमा पर पहुंचते से पहले अपने देश की सीमा की दूर से देखने की कोशिश कर रहा था। मैं इंतजार कर रहा था कि मैं कब अपनी जमीन पर पैर रखूंगा।

कैप्शन : बांग्लादेश जेल से लौटने के बाद अपने देश की सीमा में पहुंची पांच भारतीय।

Edited By: Jagran