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रेलवे पास धारकों को प्रीमियम ट्रेनों में मिलेगा उच्च श्रेणी का सफर, चुकाना होगा सिर्फ डिफरेंस एमाउंट; रेलवे कर्मियों को राहत

Published: Mon, 02 Nov 2026 03:00 PM (IST)

रेलवे बोर्ड ने प्रिविलेज, सेवानिवृत्ति और विधवा पास धारकों को बड़ी राहत दी है, जिससे वे अब राजधानी, दुरंतो, शताब्दी ...और पढ़ें

रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला- प्रिविलेज, सेवानिवृत्ति और विधवा पास धारकों को मिली सुविधा।

रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला- प्रिविलेज, सेवानिवृत्ति और विधवा पास धारकों को मिली सुविधा।

HighLights

  1. प्रीमियम ट्रेनों में उच्च श्रेणी यात्रा की अनुमति।

  2. निर्धारित श्रेणी से ऊपर जाने पर किराया अंतर दें।

  3. रेलकर्मियों, सेवानिवृत्तों, विधवाओं को सुविधा मिलेगी।

रविरंजन आनंद, आसनसोल। भारतीय रेलवे के कर्मचारियों, सेवानिवृत्त रेलकर्मियों और उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रेलवे बोर्ड ने प्रिविलेज पास (पीपी), पोस्ट रिटायरमेंट कम्प्लीमेंट्री पास और विधवा पास (वीडो पास) पर यात्रा करने वालों को बड़ी सुविधा देते हुए अब राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी निर्धारित पात्रता से ऊंची श्रेणी में सफर करने की अनुमति दे दी है। इसके लिए यात्रियों को केवल दोनों श्रेणियों के किराये का अंतर चुकाना होगा।

प्रीमियम ट्रेनों में मिलेगी सुविधा

रेल मंत्रालय के रेलवे बोर्ड ने 30 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश संख्या आरबीई नबंर-. 86/2026 के माध्यम से यह महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। अब तक मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में उपलब्ध यह सुविधा प्रीमियम ट्रेनों में भी लागू होगी। इससे उन रेलकर्मियों और पेंशनभोगियों को विशेष लाभ मिलेगा, जो अपने पास की निर्धारित श्रेणी से ऊपर की श्रेणी में यात्रा करना चाहते हैं।

राजधानी-शताब्दी में भी मिलेगा उच्च श्रेणी का विकल्प

रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि रेलवे सर्वेंट्स (पास) रूल्स, 1986 की अनुसूची-II के नियम 3(एक्स) में प्रीमियम ट्रेनों में उच्च श्रेणी में यात्रा करने पर कोई प्रतिबंध नहीं है। लिहाजा प्रिविलेज पास, पोस्ट रिटायरमेंट कम्प्लीमेंट्री पास और विधवा पास धारक निर्धारित श्रेणी से ऊपर की श्रेणी में यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें संबंधित ट्रेन की अगली उच्च श्रेणी और अपनी पात्र श्रेणी के किराये का अंतर देना होगा।

इस निर्णय से राजधानी, दुरंतो और शताब्दी ट्रेनों में यात्रा करने वाले वर्तमान एवं पूर्व रेलकर्मियों को अधिक विकल्प मिलेंगे। खासकर लंबी दूरी की यात्रा में आरामदायक श्रेणी चुनने की सुविधा बढ़ेगी।

पास और यात्रा पात्रता के नियमों में भी संशोधन

रेलवे बोर्ड ने इस आदेश के साथ ड्यूटी पास तथा प्रिविलेज, पोस्ट रिटायरमेंट कम्प्लीमेंट्री और विधवा पास के लिए संशोधित एकीकृत यात्रा पात्रता भी जारी की है। इसके लिए दो अलग-अलग अनुलग्नक ( I एवं II) जारी किए गए हैं। इनमें विभिन्न वेतन स्तरों, पदों और पास की श्रेणी के अनुसार मेल/एक्सप्रेस, राजधानी/दुरंतो तथा शताब्दी ट्रेनों में बर्थ और सीट की पात्रता निर्धारित की गई है।

संशोधित व्यवस्था में ग्रुप ए एवं बी के अधिकारियों से लेकर गैर-राजपत्रित कर्मचारियों तक की श्रेणीवार पात्रता के लाभ को लेकर निर्देश दिए गए है। सेवानिवृत्त रेलकर्मियों के लिए 20 वर्ष की अर्हकारी रेल सेवा के बाद मिलने वाले पोस्ट रिटायरमेंट कम्प्लीमेंट्री पास की पात्रता भी अलग से दर्शाई गई है।

वंदे भारत और गतिमान पर भी स्पष्ट किए नियम

रेलवे बोर्ड ने विभिन्न श्रेणी की ट्रेनों के लिए यात्रा पात्रता भी स्पष्ट की है। वंदे भारत और गतिमान एक्सप्रेस में शताब्दी एक्सप्रेस के अनुरूप पात्रता लागू होगी। हमसफर, विशेष शुल्क वाली स्पेशल ट्रेन और सुविधा स्पेशल में राजधानी एक्सप्रेस के अनुरूप पात्रता होगी। गरीब रथ, जनशताब्दी, डबल डेकर, महामना, युवा और अंत्योदय एक्सप्रेस में मेल/एक्सप्रेस ट्रेन के अनुरूप पात्रता रहेगी।

भारतीय रेलवे द्वारा संचालित तेजस एक्सप्रेस में संबंधित ट्रेन के राजधानी अथवा शताब्दी प्रकार के अनुसार पात्रता लागू होगी। अनुभूति और विस्टाडोम कोच में उस ट्रेन के प्रकार के अनुसार यात्रा पात्रता मिलेगी, जिससे ये कोच जुड़े होंगे।

तत्काल प्रभाव से व्यवस्था लागू करने के निर्देश

रेलवे बोर्ड ने सीआरआईएस को यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) तथा एचआरएमएस के ई-पास माड्यूल में आवश्यक तकनीकी बदलाव तत्काल करने का निर्देश दिया है, ताकि नई व्यवस्था के अनुरूप पास जारी करने और आरक्षण की प्रक्रिया संचालित की जा सके।

यह आदेश वित्त निदेशालय की सहमति से जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि पास और पीटीओ से संबंधित यात्रा पात्रता के पुराने निर्देशों के स्थान पर अब संशोधित पात्रता लागू होगी।

रेलवे बोर्ड के इस फैसले को वर्तमान रेलकर्मियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और विधवा पास धारकों के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। इससे प्रीमियम ट्रेनों में यात्रा के दौरान अधिक सुविधा और श्रेणी चयन की स्वतंत्रता मिलेगी।

क्या कहते हैं रेलकर्मी

राजेंद्र प्रसाद, सेवानिवृत्त आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि यह फैसला रेलकर्मियों के हित में है। पहले पास पर निर्धारित श्रेणी में ही यात्रा करने का विकल्प मिलता था, लेकिन अब कर्मचारी किराये का अंतर देकर उससे ऊपर की श्रेणी में भी सफर कर सकेंगे। इसका लाभ वर्तमान कर्मचारियों के साथ सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को भी मिलेगा।

उदाहरण के तौर पर सेकेंड एसी की पात्रता रखने वाला कर्मचारी फर्स्ट एसी में जाने के लिए सिर्फ दोनों श्रेणियों के किराये का अंतर देकर यात्रा कर सकता है। वहीं, आसनसोल के वाणिज्य विभाग में कार्यरत रेलकर्मी शिवनाथ प्रसाद सिंह ने कहा कि यह सुविधा क्लास-4 से लेकर क्लास-1 तक के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए राहत भरी है। 

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