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आसनसोल मंडल में छठ-दिवाली के लिए सुरक्षा कवच मजबूत, सैकड़ों स्पेशल ट्रेन; भीड़ प्रबंधन को 23,650 वर्गफुट का होल्डिंग एरिया

Published: Mon, 26 Oct 2026 05:09 PM (IST)

आसनसोल रेल मंडल ने दीपावली और छठ पर्व पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को सुरक्षित संभालने के लिए सुरक्षा व्यवस्था ...और पढ़ें

सीसीटीवी और आरपीएफ से होगा आसनसोल स्टेशन लैश।

सीसीटीवी और आरपीएफ से होगा आसनसोल स्टेशन लैश।

HighLights

  1. आसनसोल स्टेशन पर 23,650 वर्गफुट का होल्डिंग एरिया बढ़ा।

  2. सीसीटीवी कैमरे और आरपीएफ कर्मियों की संख्या में वृद्धि की गई।

  3. त्योहारों पर यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर जोर।

रविरंजन आनन्द, आसनसोल। दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ पर घर लौटने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत किया गया है।

आसनसोल स्टेशन पर करीब 23,650 वर्गफुट का यात्री होल्डिंग एरिया, प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी निगरानी का विस्तार, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की बढ़ी तैनाती और टिकट व्यवस्था में सुधार त्योहारों के दौरान यात्रियों को राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है।

इसका उद्देश्य प्लेटफार्म पर अनियंत्रित भीड़ रोकना, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना है।

354 विशेष ट्रेंनों का हो रहा परिचालन

पूर्व रेलवे की ओर से जारी त्योहार विशेष रेल परिचालन और सुरक्षा संबंधी आंकड़े बताते हैं कि इस बार यात्रियों की अतिरिक्त आवाजाही को देखते हुए ट्रेनों के साथ-साथ स्टेशनों की व्यवस्थाओं पर भी जोर दिया गया है।

एक अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 के बीच के त्योहारों को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे ने 1,354 विशेष ट्रेन यात्राओं की घोषणा की थी। यह संख्या पिछले वर्ष की समान अवधि में संचालित 1,208 विशेष ट्रेन यात्राओं से 12.08 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, ये आंकड़े पूरे पूर्व रेलवे के हैं।

आसनसोल में बढ़ा होल्डिंग एरिया, भीड़ संभालने में मिलेगी मदद

त्योहारों के दौरान आसनसोल, दुर्गापुर, रानीगंज, जसीडीह और मधुपुर जैसे व्यस्त स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में आसनसोल स्टेशन पर लगभग 23,650 वर्गफुट के होल्डिंग एरिया की व्यवस्था यात्रियों को प्लेटफार्म पर एक साथ जमा होने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

पिछले वर्ष के 17,050 वर्गफुट के आंकड़े से तुलना करें तो इस वर्ष होल्डिंग एरिया में 6,600 वर्गफुट की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह करीब 38.7 प्रतिशत की वृद्धि है।

यात्रियों का भीड़ होगा नियंत्रित

होल्डिंग एरिया में यात्रियों को नियंत्रित तरीके से रोकने और ट्रेन के आगमन के अनुसार प्लेटफार्म की ओर भेजने से फुट ओवरब्रिज, प्रवेश-निकास द्वार और प्लेटफार्म पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। खासकर छठ से पहले बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी।

तीन प्रमुख स्टेशनों पर 381 सीसीटीवी कैमरे, आरपीएफ के 205 कर्मी

आसनसोल मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरों और सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई गई है। पूर्व रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, आसनसोल, जसीडीह और मधुपुर स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या पिछले वर्ष के 342 से बढ़कर 2026 में 381 हो गई है।

यानी 39 कैमरों की बढ़ोतरी हुई है, जो करीब 11.4 प्रतिशत है। इसी तरह, आसनसोल, सिउड़ी, जसीडीह और मधुपुर सहित प्रमुख स्टेशनों पर आरपीएफ कर्मियों की संख्या 166 से बढ़कर 205 हो गई है। यह लगभग 23.5 प्रतिशत की वृद्धि है। इन व्यवस्थाओं से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, सामान चोरी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और भीड़ के बीच जरूरतमंद यात्रियों की सहायता करने में मदद मिल सकती है।

टिकट काउंटर बढ़ने से यात्रियों को राहत की उम्मीद

त्योहारों में टिकट लेने के लिए लंबी कतारें भी स्टेशन पर भीड़ बढ़ने का प्रमुख कारण बनती हैं। पूर्व रेलवे के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, आसनसोल स्टेशन पर सामान्य अवधि की तुलना में अनारक्षित टिकट काउंटरों की संख्या छह से बढ़ाकर आठ की गई है।

मोबाइल टिकटिंग काउंटरों की संख्या भी दो से बढ़ाकर छह की गई है। इस व्यवस्था से यात्रियों को टिकट लेने में लगने वाला समय कम करने और टिकट काउंटरों के आसपास भीड़ नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

आरपीएफ-जीआरपी का समन्वय, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर

दीपावली और छठ के दौरान भीड़ के बीच यात्रियों के सामान की चोरी, संदिग्ध गतिविधियों और अन्य आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए आरपीएफ, राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और स्थानीय पुलिस के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय और स्टेशन के प्रवेश-निकास द्वारों पर निगरानी के साथ सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का प्रभावी इस्तेमाल भीड़ प्रबंधन में अहम रहेगा।

रेलमदद से शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर

यात्रियों की सुरक्षा केवल पुलिस बल की तैनाती तक सीमित नहीं है। शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई और विभिन्न एजेंसियों के बीच सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान भी उतना ही जरूरी है। इसके साथ ही स्टेशन परिसर की साफ-सफाई, पेयजल की उपलब्धता, बिजली का बैकअप और आपात निकास मार्गों को खुला रखना भी यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी है।

भीड़ वाले समय में प्लेटफार्म में अचानक बदलाव से फुट ओवरब्रिज पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए परिचालन और सुरक्षा से जुड़े विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।

चिकित्सा सहायता और आपात व्यवस्था भी अहम

त्योहारों के दौरान अधिक भीड़ के कारण किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने, चोट लगने या अन्य आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। मंडल के प्रमुख स्थानों पर आपात चिकित्सा कक्ष, मेडिकल बूथ, चिकित्सा दल और एंबुलेंस जैसी सुविधाओं का व्यवस्था किया जायेगा।

आसनसोल स्टेशन पर आपात चिकित्सा कक्ष की व्यवस्था के साथ मंडल की विभिन्न रेलवे स्वास्थ्य इकाइयों से भी आपात स्थितियों में चिकित्सा सेवा की व्यवस्था की जाएगी।

त्योहार को लेकर आंकड़ों में आसनसोल मंडल की तैयारी

होल्डिंग एरिया: 17,050 से बढ़कर 23,650 वर्गफुट।
सीसीटीवी कैमरे: आसनसोल, जसीडीह और मधुपुर में 342 से बढ़कर 381।
आरपीएफ कर्मी: प्रमुख स्टेशनों पर 166 से बढ़कर 205।
अनारक्षित टिकट काउंटर: आसनसोल स्टेशन पर छह से बढ़कर आठ।
मोबाइल टिकटिंग काउंटर:दो से बढ़कर छह।

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