देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए भोग लगाना चाहिए। आइए जानते हैं कि भगवान के भोग को ज्यादा देर तक मंदिर में क्यों नहीं रखना चाहिए?
अक्सर लोग पूजा-पाठ करते समय भगवान को भोग लगाते हैं। इससे प्रभु प्रसन्न होते हैं और भक्त को अपना आशीर्वाद देते हैं।
भगवान को भोग के रूप में अर्पित की गई चीजों को मंदिर में ज्यादा देर तक नहीं रखना चाहिए। भोग को अधिक समय तक रखना अशुभ माना जाता है।
मंदिर में ज्यादा देर तक भोग रखने से विश्वकसेन, चंदेश्वर, चन्डान्शु और चांडाली नामक बुरी शक्तियां प्रवेश करने लगती हैं।
अगर आप मंदिर में ज्यादा देर तक भोग रखने हैं, तो इसमें नकारात्मकता व्याप्त होने लगती है। भोग जल्द लोगों के बीच वितरित कर देना चाहिए।
मंदिर में भगवान के भोग को 5 मिनट तक रखना चाहिए। इसके बाद भोग को हटाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों में बांट देना चाहिए।
नैवेद्य का भोग सोने, चांदी, तांबे, लड़की या फिर मिट्टी से बने पात्र में रखकर लगाना चाहिए। भोग एल्यूमिनियम, लोहे, स्टील या प्लास्टिक के पात्र में नहीं लगाना चाहिए।
भगवान को भोग लगाते समय ‘त्वदीयं वस्तु गोविन्द तुभ्यमेव समर्पये, गृहाण सम्मुखो भूत्वा प्रसीद परमेश्वर’ मंत्र पढ़ना चाहिए।
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