सनातन धर्म में विनायक चतुर्थी का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। आइए जानते हैं कि गणेश चतुर्थी कब है?
गणेश चतुर्थी पर बप्पा की विधि-विधान से पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होने लगती हैं।
पंचांग के अनुसार, गणेश चतुर्थी का व्रत 10 जून को रखा जाएगा। इस दौरान भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करते पूजा करनी चाहिए।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 09 जून को दोपहर 03 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी। इस तिथि का समापन 10 जून को दोपहर 04 बजकर 14 मिनट पर होगा।
गणेश चतुर्थी के दौरान बप्पा की पूजा करते समय दूर्वा अर्पित करना चाहिए। इस दौरान दूर्वा के साथ हल्दी रखकर पूजा करें।
11 दूर्वा और हल्दी को पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। ऐसा करने से कभी भी धन की कमी नहीं होती है।
गणेश चतुर्थी के अवसर पर बप्पा को गुड़ में देसी घी मिलाकर भोग लगाना चाहिए। इसके बाद इसे गाय को खिलाने से आर्थिक तंगी दूर होने लगती है।
गणेश चतुर्थी पर घर में गणेश यंत्र को स्थापित करना चाहिए। नियमित इस यंत्र की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
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