हर साल की तरह इस साल भी होली की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही है। रंगों के इस त्योहार को भारत में खूब धूमधाम से मनाया जाता है। रंगों की बौछार के बीच लोग गिले-शिकवे को भी भूल देते हैं।
होली हर किसी के लिए बहुत खास होती है। खासतौर पर शादी के बाद रंगों के त्योहार मजा डबल हो जाता है। देशभर में नई बहू की पहली होली ससुराल में नहीं मनाने की परंपरा होती है।
नई दुल्हनों के ससुराल में पहली होली न मनाने के पीछे कई मान्यताएं है। लेकिन क्या आप जानते हैं पहली होली मायके में क्यों मनाई जाती है? अगर नहीं, तो आइए हम जानते हैं इसके पीछे का कारण।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शादी के बाद अगर नई बहू सास के साथ होलिका दहन देखती हैं, तो इससे दोनों के बीच रिश्तों में खटास आता है और झगड़े हो सकते हैं।
अगर आप ससुराल में पहली होली मनाते हैं, तो घर में कलह होता है और परिवार में मनमुटाव आता है। वहीं, लड़का ससुराल में होली मनाता है, तो पति और पत्नी के बीच प्यार बढ़ता है।
ससुराल में होली न मनाने का एक बड़ा कारण यह भी है कि नई दुल्हन ससुराल में अपने पति के साथ होली खेलना असहज हो सकता है।
शादी के बाद पहली होली ससुराल में न मानने की इन मान्यताओं और प्रथाओं का महत्व बहुत होता है। यह मान्यताएं कई हिस्सों में देखने को मिलती हैं।
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