यदि कोई व्यक्ति नियम के अनुसार मंत्र जाप करता है, तो उसे जीवन में अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं।
मंत्र जाप के लिए अलग-अलग तरह की माला का भी प्रयोग किया जाता है जैसे तुलसी माला, कमलगट्टे की माला, रुद्राक्ष की माला आदि।
ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि माला जाप के दौरान कौन सी उंगली का उपयोग नहीं करना चाहिए। आइए इसके बारे में जानें।
हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि माला जाप के दौरान भूल से भी तर्जनी उंगली का उपयोग नहीं करना चाहिए।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तर्जनी उंगली को अहंकार की उंगली के रूप में देखा जाता है। वहीं, मंत्र जाप का मकसद होता है अहंकार को त्यागना।
अब अगर माला जाप के दौरान तर्जनी उंगली का प्रयोग किया जाए, तो इससे पवित्रता खंडित हो सकती है।
वहीं गरुण पुराण के मुताबिक माला जाप के दौरान तर्जनी उंगली का उपयोग करने का अर्थ है कि आप ईश्वर को उंगली दिखा रहे हो।
ऐसे में माला जाप के दौरान तर्जनी उंगली का उपयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए। नहीं तो पाप लग सकता है।
इस बात का खासतौर से ख्याल रखें कि माला जाप के दौरान तर्जनी उंगली का उपयोग न हो। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com