सनातन धर्म में शनि प्रदोष व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव और शनि देव की पूजा होती है। आइए जानते हैं कि शनि प्रदोष पर क्या करना चाहिए?
पंचांग के अनुसार, शनि प्रदोष का व्रत 28 दिसंबर 2024 को रखा जाएगा। इस दौरान भगवान शिव की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होने लगती हैं।
पंचांग के अनुसार, शनि प्रदोष तिथि की शुरुआत 28 दिसंबर को रात 02 बजकर 28 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 29 दिसंबर को रात 03 बजकर 32 मिनट पर होगा।
कई काम ऐसे होते हैं, जिसे शनि प्रदोष पर करना बेहद शुभ होता है। इससे साधक के जीवन में आने वाली धन से जुड़ी समस्याएं दूर होने लगती हैं।
शनि प्रदोष पर पीपल के पेड़ की पूजा करना शुभ होता है। इस दौरान सरसों के तेल का दीपक जलाकर पेड़ की 7 बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से संकट दूर होने लगते हैं।
शनि प्रदोष पर शिवलिंग पर अक्षत, बेलपत्र, चंदन, फूल, भांग, धतूरा और शहद आदि चढ़ाने से शिव जी की कृपा प्राप्त होती है।
शनि प्रदोष पर शिव जी की पूजा करते समय शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च मंत्र का जप करना चाहिए।
शनि प्रदोष पर इन कामों को करने से साधक को कार्य में सफलता मिलने लगती है। इसके साथ ही, रुके हुए कार्य होते हैं और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
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