आंखें हमारे शरीर का एक इंपॉर्टेंट पार्ट और सेंसिटिव पार्ट है। जब इनमें पर्याप्त मात्रा में नमी नहीं रहती है, तो जलन, खुजली और इर्रिटेशन महसूस होने लगती है। इस दिक्कत को ड्राई आई सिंड्रोम कहा जाता है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। आइए जाने की आखिर किस कारण से आंखों में सूखापन होता है।
बहुत देर तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन को लगातार देखने से आंखें जल्दी सूख जाती हैं, क्योंकि स्क्रीन देखते टाइम पलकें कम झपकती हैं, जिससे आंखों की नमी कम हो जाती है।
शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी न होने पर भी आंखों पर ड्राइनेस हो सकती है। डिहाइड्रेशन के कारण आंखों की नमी कम हो जाती है, जिससे वे सूखी हो सकती हैं।
उम्र बढ़ने पर आंसू ग्रंथियां कमजोर हो जाती हैं और आंसू कम हो जाती हैं। खासतौर पर 50 साल की उम्र के बाद आंखों का सूखापन ज्यादा महसूस हो सकता है।
बाहर के धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन का आंखों से संपर्क होने पर आंखों में जलन और ड्राइनेस हो सकती है। यह दिक्कत खासतौर पर उनको होती है, जो ज्यादा टाइम बाहर रहते हैं।
कुछ दवाओं जैसे एंटी-एलर्जी, एंटी-डिप्रेसेंट और ब्लड प्रेशर की दवा से आंखों में सूखापन बढ़ सकता है। महिलाओं में हार्मोनल चेंजेस भी आंखों की नमी पर असर करते हैं।
अगर आप रोजाना कॉन्टेक्ट लेंस पहनते हैं, तो इससे आंखों की लेयर पर नमी की कमी हो सकती है, जिससे आंखों की ड्राइनेस की दिक्कत बढ़ सकती है।
आंखों की ड्राइनेस से बचने के लिए रोजाना पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और स्क्रीन से ब्रेक लेते रहें। अगर दिक्कत ज्यादा हो तो डॉक्टर से जांच करवाएं। इस तरह की अन्य जानकारियों के लिए jagran.com पढ़ते रहें।