आजकल हर किसी के पास स्मार्टफोन है, जिसकी बदौलत डिजिटल क्रांति का दौर चल रहा है। देश-दुनिया की खबरें हों या फिर किसी भी चीज की जानकारी के लिए लोग तुरंत ही गूगल का सहारा लेते हैं।
वैसे इंटरनेट और स्मार्टफोन की बदौलत जानकारी एक सर्च की दूरी पर है लेकिन इसकी वजह से लोग दिन-रात मोबाइल फोन पर ही व्यस्त रहने लगे हैं। यह लत सेहत के लिए हानिकारक होती है।
आजकल लोग मोबाइल फोन पर अधिक समय बिताते हैं, इस वजह से डिजिटल डिमेंशिया के शिकार हो रहे हैं। इसमें लोग बिना वजह के सोशल मीडिया पर स्क्रॉलिंग, रील देखना, गेम आदि खेलना शामिल है।
इसका असर फिजिकल और मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है। इसके कारण सोचने समझने की क्षमता तो प्रभावित होती ही है, इसके साथ ही फोकस में भी कमी का सामना करना पड़ता है।
इस वजह से थकान अधिक महसूस होती है और छोटी-छोटी बातें भी लोग भूलने लगते हैं। डिजिटल डिमेंशिया में लोग छोटी-छोटी बातें भूलने भी लगते हैं।
इस समस्या में 20 से 40 की उम्र के लोग तेजी से शिकार हो रहे हैं और इस वजह से वर्क प्रोडक्टिविटी और पढ़ाई में भी असर हो रहा है।
इस समस्या से बचाव के लिए फिजिकल वर्कआउट बहुत जरूरी है। एक्सरसाइज करने से शरीर फिट रहता है और मेंटल हेल्थ भी दुरुस्त रहती है।
फोन पर समय बिताने की बजाय दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ समय व्यतीत करें। इसके साथ ही दिन में स्क्रीन टाइम फिक्स करें।
डिजिटल डिमेंशिया के अधिकतर शिकार युवा हो रहे हैं। इससे बचाव के लिए कुछ टिप्स का पालन जरूर करें। लाइफस्टाइल से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें JAGRAN.COM