अक्षय नवमी हर वर्ष कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।
इसके अलावा इस दिन आंवला पेड़ के नीचे भोजन बनाकर भगवान को अर्पित किया जाता है। जिसके बाद भोजन ग्रहण किया जाता है।
अक्षय नवमी के दिन आंवला पेड़ की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है। जीवन में कभी कोई समस्या नहीं आती।
अगर आप भी जीवन में व्याप्त दुख और संकट से निजात पाना चाहते हैं, तो आज विधि-विधान से लक्ष्मी नारायण जी की पूजा करें।
इसके अलावा पूजा के समय विष्णु चालीसा का पाठ और आरती अवश्य करें। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय । कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय ॥
नमो विष्णु भगवान खरारी, कष्ट नशावन अखिल बिहारी। प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी, त्रिभुवन फैल रही उजियारी ॥
सुन्दर रूप मनोहर सूरत, सरल स्वभाव मोहनी मूरत । तन पर पीताम्बर अति सोहत, बैजन्ती माला मन मोहत ॥
शंख चक्र कर गदा बिराजे, देखत दैत्य असुर दल भाजे । सत्य धर्म मद लोभ न गाजे, काम क्रोध मद लोभ न छाजे ॥