सनातन धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व होता है। इस दौरान काल भैरव की पूजा करना शुभ होता है। आइए जानते हैं कि कालाष्टमी पर कौन से उपाय करने से संकट से छुटकारा मिलता है?
पंचांग के अनुसार, इस बार 22 दिसंबर को कालाष्टमी का व्रत रखा जाएगा। इस दिन काल भैरव की पूजा करने से परेशानियां दूर होती हैं।
पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 22 दिसंबर को दोपहर 02 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 23 दिसंबर को शाम 05 बजकर 07 मिनट पर होगा।
अगर आप जीवन में परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो कालाष्टमी पर उपाय करें। ऐसा करने से साधक के जीवन में सुख-समृद्धि आने लगती है।
कालाष्टमी पर काल भैरव की पूजा करना बेहद शुभ होता है। ऐसा करने से धन की कमी दूर होने लगती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
कालाष्टमी के दिन काल भैरव की मंदिर में जाकर कपूर और काजल का दान करें। ऐसा करने से साधक के जीवन में आने वाले सारे संकट दूर होने लगते हैं।
कालाष्टमी पर सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ होता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और साधक के रुके हुए कार्य होने लगते हैं।
अगर आप जीवन में संकट का सामना कर रहे हैं, तो कालाष्टमी पर उन उपायों को जरूर करें। इससे परेशानियों से छुटकारा मिलने लगता है।
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