पंचांग के अनुसार साल में 24 एकादशियां होती हैं, जिसमें हर महीने में दो एकादशियां पड़ती हैं, हर एकादशी का अपना महत्व होता है।
फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व है, हिन्दू पंचांग के अनुसार इस एकादशी को आंवला एकादशी, आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ-साथ आंवले के पेड़ की पूजा करने का भी विधान है, मान्यता है कि नियमित रूप से आंवले के पेड़ की पूजा करने से सुख-समृद्धि आती है।
घर में आंवले का पेड़ लगाना शुभ माना जाता है, जानिए आंवले का पेड़ लगाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
अक्षय नवमी, आमलकी एकादशी, गुरुवार, शुक्रवार को आंवले का पेड़ लगाना शुभ माना जाता है।
अगर आप घर में आंवले का पेड़ लगा रहे हैं, तो इसे उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में लगा सकते हैं। इस दिशा में लगाने से शुभ फल मिलते हैं।
मान्यता है कि आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। इसलिए पंचमी तिथि को नियमित रूप से जल चढ़ाने के साथ ही आंवले के पेड़ के नीचे ब्राह्मणों को भोजन कराने से धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।