80 का दशक भारतीय सिनेमा का एक सुनहरा दौर था। इस समय कई ऑनस्क्रीन कपल्स ने ऑडियंस के दिलों पर राज कर रही थी।जिनमें से एक जोड़ी जितेंद्र और जया प्रदा की रही, इन्होंने अपनी फिल्मों से ऑडियंस को दीवाना बना दिया था।
जितेंद्र पहले से बॉलीवुड में एक फेमस अभिनेता थे और जया प्रदा साउथ की फिल्मों से अपनी पहचान बना चुकी थीं। 1979 में दोनों ने पहली बार फिल्म लोक परलोक में साथ काम किया था। यहीं से उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद करना शुरू किया।
लोक परलोक के बाद 1980 में आई फिल्म संजोग ने इस जोड़ी को सुपरहिट बना दिया। इसके बाद जितेंद्र और जया ने कई हिट फिल्में दीं, जिनमें उनकी केमिस्ट्री और एक्टिंग की खूब तारीफ हुई।
जितेंद्र और जया की जोड़ी सिर्फ रोमांटिक फिल्मों तक सीमित नहीं थी। उन्होंने फैमिली ड्रामा, सोशियल मुद्दों पर आधारित फिल्मों से लेकर मसालेदार एंटरटेनमेंट वाली फिल्मों में भी काम किया था।
उनकी फिल्मों के लिए ऑडियंस में इतनी दीवानगी थी कि थिएटरों के बाहर टिकट के लिए लंबी लाइने लग जाती थीं। उनकी फिल्मों के गाने भी बहुत पॉपुलर होते थे।
जितेंद्र और जया ने करीब 28 फिल्मों में एक साथ काम किया था। तोहफा, मकसद, मजबूर, हकीकत जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धमाल मचाया और इस जोड़ी को हर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर की पहली पसंद बना दिया।
इनकी फिल्मों में गानों का भी बड़ा योगदान रहा। तोहफा, गोरी तेरी पायल जैसे गाने उस दौर में हर तरफ गूंजते थे। जितेंद्र और जया की जोड़ी सिर्फ एक्टिंग में ही नहीं, बल्कि गानों में भी दर्शकों को खूब भाती थी।
जितेंद्र और जया प्रदा की जोड़ी को आज भी इंडियन सिनेमा के इतिहास में यादगार माना जाता है। इस तरह की और अन्य खबरों के लिए jagran.com पर क्लिक करें।