शास्त्रों के अनुसार शनिदेव को दंड नायक और कर्मफल दाता कहा जाता है, क्योंकि वे हर व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं।
माना जाता है कि हर व्यक्ति को जीवन में एक बार शनि के प्रकोप का सामना करना पड़ता है। ऐसे में व्यक्ति को हर क्षेत्र में असफलता हाथ लगती है और आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित होती है।
आइए जानते हैं कि शनिदेव की कुद्रष्टि से बचने के लिए क्या करना चाहिए।
शनिवार के दिन शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं, साथ ही शाम को सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं।
शनिवार के दिन उड़द की खिचड़ी बनाकर शनिदेव को भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में सभी को दें।
शनिवार के दिन विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करें, ऐसा करने से शनिदेव की कृपा बनी रहती है।
शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा अवश्य करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
शनिवार के दिन भगवान शिव को काले तिल जरूर चढ़ाएं।