देवउठनी एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, इसके साथ ही शुभ और मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार देवउठनी एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष को मनाई जाती है।
मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु चार माह के बाद इस दिन चिर निद्रा से जागते हैं और सृष्टि का भार संभालते हैं।
इसके साथ ही इस दिन भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम और तुलसी का विवाह इस दिन कराया जाता है।
देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी की पूजा करनी चाहिए और तुलसी के नाम का जाप करना चाहिए।
इस दिन जल में थोड़ा सा कच्चा दूध मिलाकर तुलसी के पौधे में चढ़ाना चाहिए। इसके साथ-साथ सिंदूर, रोली, कुमकुम, अक्षत, चुनरी, सोलह श्रृंगार के साथ भोग चढ़ाना चाहिए।
इसके साथ ही घी का दीपक और कपूर जलाकर विधिवत आरती करते हुए तुलसी के नामों का जाप करना चाहिए।