हिंदू धर्म में हनुमान जी कलयुग के सबसे पूजनीय देवताओं में से एक हैं। हनुमान जी की वंदना के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे उत्तम होता है।
जो लोग नित्य सच्ची श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से हनुमान जी के निमित्त उनकी चालीसा का पाठ करते हैं, उन पर हनुमान जी की विशेष कृपा बरसती है।
हनुमान जी के पाठ के साथ ही साथ यदि उनके 12 दिव्य नामों का जाप अगर किया जाए, तो जीवन के समस्त दुःख बजरंगबली क्षण भर में दूर कर देते हैं।
मां अंजनी के लाल होने के कारण हनुमान जी को अंजनी सुत नाम से भी पुकारा जाता है। इस नाम के जाप से बड़ी से बड़ी मुसीबत भी टल जाती है।
वायु के देवता पवन देव के मानस पुत्र होने के नाते हनुमान जी का नाम वायुपुत्र भी है। इस नाम का नित्य जाप करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है।
हनुमान जी के पास अथाह बल और शक्ति होने के कारण इनका एक नाम महाबल भी है। इस नाम की शरण में आने से जीवन के सभी भय से छुटकारा मिल जाता है।
श्री राम के प्रति समर्पण और निष्ठा होने के कारण उनको रामेष्ठ कहा गया। इस नाम के जाप से भक्ति प्राप्त होती है और संसार के समस्त दुखों से छुटकारा मिलता है।
रामायण के अनुसार हनुमान जी मां सीता की खोज में जब लंका जा रहे थे तो उन्होंने समुद्र को लांघा था। यह नाम उनके समुद्र को लांघने की घटना का प्रतीक माना जाता है।
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