सनातन धर्म में सभी तिथियों का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन माह की पूर्णिमा बेहद महत्वपूर्ण है। यह तिथि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी को समर्पित है।
इस दिन श्री हरि और मां लक्ष्मी की पूजा-व्रत करने का विधान है। पूर्णिमा के दिन स्नान-दान, पूजा-अर्चना करने से इंसान के जीवन में आ रही परेशानियां दूर होती हैं।
पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से जीवन में खुशियों का आगमन होता है। ऐसे में आइए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कुछ विशेष मंत्र के बारे में जानते हैं।
ॐ नमोः नारायणाय।। ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय।। ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्। लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम् वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्।।
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः। मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः।।
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः।। ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद। ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:।। ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि,
फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का प्रारंभ 16 मार्च 2024 को रात्रि 09 बजकर 39 मिनट पर हो रहा है।
अगर आप भी विशेष कृपा चाहते हैं तो इन मंत्रों का जाप जरूर करें। अध्यात्म से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com