भारतीय ज्योतिष के अनुसार सभी ग्रहों के प्रभाव को दूर करने में रत्न अहम भूमिका निभाते हैं।
माणिक्य रत्न का संबंध सूर्य देव से होता है।
ऐसे जातक जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर होता है उन्हें ज्योतिष माणिक्य रत्न धारण करने की सलाह देते हैं।
यदि किसी जातक को ह्रदय, हड्डी और नेत्र रोग है तो भी वह माणिक्य पहन सकता है।
माणिक्य के साथ नीलम और गोमेद पहनने से बचना चाहिए। अन्यथा नुकसान हो सकता है।
भारतीय ज्योतिष के अनुसार माणिक्य धारण करने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है।
माणिक्य धारण करने से सूर्य प्रभावित रोगों से मुक्ति मिलती है।
जो लोग प्रशासनिक लाइन और राजनीति से जुड़े हुए हैं, वो लोग भी माणिक्य पहन सकते हैं।
ऐसे लोग जिनका पिता और अधिकारियों के साथ तालमेल नहीं रहता हो वो लोग भी कुंडली का विश्लेषण करके माणिक्य पहन सकते हैं।