इन 2 ब्लड ग्रुप के लोग होते हैं बेस्ट लाइफ पार्टनर


By Lakshita Negi20, Dec 2024 08:20 PMjagran.com

कुंडली के साथ ब्लड ग्रुप मिलान भी जरूरी

हर कोई शादी करने के लिए कुंडली मिलाना जरूरी समझता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि कुंडली के साथ ब्लड ग्रुप मिलान भी शादीशुदा जीवन की परेशानियों को कम कर सकता है? आइए जानें ज्योतिष शास्त्र में इसकी अहमियत।

ब्लड ग्रुप और वैवाहिक जीवन का संबंध

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ब्लड ग्रुप का असर न केवल हमारे स्वास्थ्य तक सीमित है, बल्कि यह हमारे स्वभाव, आदतों और जीवन के डिसीजन पर भी असर करता है।

ग्रहों और ब्लड ग्रुप का रिश्ता

ज्योतिष शास्त्र में हर ब्लड ग्रुप पर अलग-अलग ग्रहों का प्रभाव माना गया है। जैसे ए पॉजिटिव वाले लोग लीडरशिप में अच्छे माने जाते हैं, जबकि ओ पॉजिटिव वाले हेल्पिंग नेचर के होते हैं।

शादी में ब्लड ग्रुप मेल

अगर लड़के का ब्लड ग्रुप ओ है और लड़की का बी, तो उनका रिश्ता बहुत स्ट्रांग होता है। इसी तरह, ए ग्रुप के लड़के का शादी शुदा जीवन ए ग्रुप की लड़की के साथ ही अच्छा रहता है।

आरएच फैक्टर और बच्चों पर असर

आरएच फैक्टर का वैवाहिक जीवन और बच्चों पर गहरा असर पड़ता है। यदि पति का आरएच पॉजिटिव और पत्नी का आरएच नेगेटिव है, तो बच्चों में डिसेबिलिटी हो सकती हैं।

नेगेटिव ब्लड ग्रुप और ग्रहों का प्रभाव

नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले लोग ज्योतिषीय दृष्टि से चंद्र, मंगल और गुरु ग्रह के प्रभाव में रहते हैं। इनकी राहु, केतु और शनि ग्रहों से दुश्मनी होती है, जिससे कई बार लाइफ में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

ब्लड ग्रुप का व्यक्तित्व पर असर

ए पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले लोग मिलनसार होते हैं। बी पॉजिटिव का दिल दूसरों के लिए दरिया जैसा होता है। वहीं, एबी ग्रुप के लोग दूसरों के लिए समझना थोड़ा मुश्किल होते हैं।

कुंडली मिलान और ब्लड ग्रुप का जोड़

कुंडली में अष्टकूट मिलान और मंगल दोष देखने के साथ अगर ब्लड ग्रुप और आरएच फैक्टर भी मिलाया जाए, तो दाम्पत्य जीवन में तालमेल बढ़ सकता है।

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