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यमुनोत्री हाईवे पर छोटे वाहनों की आवाजाही बहाल, बड़े वाहनों के लिए चुनौती बरकरार

Published: Wed, 12 Aug 2026 08:37 AM (IST)

यमुनोत्री हाईवे मंगलवार को भूस्खलन के कारण साढ़े पांच घंटे बाधित रहा, जिसे बाद में छोटे वाहनों के लिए खोल ...और पढ़ें

फाइल फोटो।

फाइल फोटो।

HighLights

  1. यमुनोत्री हाईवे साढ़े पांच घंटे भूस्खलन से बाधित रहा।

  2. छोटे वाहनों के लिए मार्ग बहाल, बड़े वाहनों पर रोक जारी।

  3. सिलाई बैंड, स्याना चट्टी पर भूस्खलन का खतरा बरकरार।

संवाद सूत्र, बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे के खुलने व बंद होने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को भी यमुनोत्री हाईवे करीब साढ़े पांच घंटे तक जगह-जगह भूस्खलन के कारण मलबा व बोल्डर गिरने से बाधित रहा। बाद में हाईवे को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया। लेकिन बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक जारी है।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलाई बैंड और स्याना चट्टी बैंड के आसपास मार्ग की स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। इन क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन और पहाड़ी से पत्थर गिरने की घटनाओं के कारण वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ रही है। वर्षा के कारण संवेदनशील हिस्सों में अचानक मलबा और बोल्डर आने का खतरा बना हुआ है।
बीते दिनों भी स्याना चट्टी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण हाईवे कई दिनों तक बाधित रहा था। मार्ग खोलने के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभागों को संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बनाए रखनी पड़ी।

मलबा व बोल्डर आने से बाधित रहा था

मंगलवार को हाईवे पालीगाड़, सिलाई बैंड, दुर्बिल, बनास आदि में मलबा व बोल्डर आने से बाधित रहा। हालांकि साढ़े दस बजे बाद हाईवे को छोटे वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। इससे यमुनोत्री धाम की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को कुछ राहत मिली है। हालांकि बड़े वाहनों को अभी अनुमति नहीं मिलने से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है।

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हाईवे पर ट्रैफिक सुचारू रखने के साथ यात्रियों की सुरक्षा भी जरूरी

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में सिलाई बैंड और स्याना चट्टी जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम जरूरी हैं। उनका कहना है कि हाईवे पर यातायात सुचारू रखने के साथ ही यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।