जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी: डुंडा ब्लाक के ठांडी में त्रिवार्षिक भेड़ों के मेले में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। मेले के अंतिम दिन शुक्रवार को बौल्याराज मंदिर के प्रांगण में देव-डोलियों के साथ रासौ नृत्य कर ग्रामीणों ने अपनी सुख-शांति का आशीर्वाद लिया।

गाजणा क्षेत्र के ठांडी में प्रत्येक तीन साल के अंतराल में पौराणिक भेड़ों के मेले का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष इस मेले का आयोजन 5 से 7 सितंबर तक किया गया था। मेले के अंतिम दिन शुक्रवार को बौल्याराज मंदिर प्रांगण को खूब सजाया गया। इसके साथ ही मेले में बौल्याराज महाराज की डोली के साथ भैरव देवता,नाग देवता, चौरंगीनाथ आदि देवताओं की डोलियां रही। इस दौरान मेले में इन सभी देवताओं के दर्शन तथा आशीर्वाद को सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ लगी रही। जहां 5 तथा 6 सितंबर को मेले में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया तो वहीं अंतिम दिन भी रंगारंग कार्यक्रम हुए। मेले के अंतिम दिन शुक्रवार को मंदिर प्रांगण के आस-पास काफी सारी दुकानों को भी लगाया था। मंदिर प्रांगण में आए विभिन्न देवी-देवताओं की डोलियों के साथ ग्रामीणों ने रासौ तांदी नृत्य भी किया। वहीं मेले के अंत में मंदिर प्रांगण के चारों ओर ग्रामीणों की छानियों से लाई सैकड़ों की संख्या में भेड़ों की झांकियां दिखाई गई। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से इन भेड़ों की पूजा देवताओं की रूप में की गई। जिन्हें ग्रामीणों ने चढ़ावा,चढ़ाकर गांव के साथ अपने परिवार की सुख-शांति का आशीर्वाद लिया।

इस मौके पर कांग्रेस पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, पूर्व विधायक गंगोत्री विजय पाल सजवाण, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष किशोर भट्ट, द्वारिका प्रसाद सेमवाल, कैलाश नेगी, कन्हैया रमोला, धन ¨सह पंवार आदि मौजूद रहे।

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