संवाद सहयोगी, उत्तरकाशी : मोरी ब्लॉक के पंचगाई पट्टी में 27 जुलाई को किमुघाटी स्थित सुपीन नदी पर बनी वैकल्पिक पुलिया टूट गई। पुलिया के टूटने से पंचगाई पट्टी के कई गांवों के ग्रामीणों का सड़क से संपर्क टूट गया। अस्थायी पुलिया टूटने से इन गांवों के ग्रामीणों को करीब 20 किमी की पैदल दूरी तय कर जखोल आना पड़ रहा था। अस्थायी पुल निर्माण के लिए ग्रामीणों ने कई बार शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी रही। करीब डेढ़ महीने बीत जाने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं पुल निर्माण की जिम्मेदारी उठाई।

उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 235 किमी दूर मोरी ब्लॉक में लिवाड़ी, फिताड़ी, कासला, राला, रेक्चा आदि गांव पड़ते हैं। इन गांवों के लिए सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हो पाया है। सड़क निर्माण नहीं होने से इन गांवों के ग्रामीणों को अस्थायी पुल के माध्यम से सुपीन नदी पार कर अपने गांव जाना पड़ता है। बीते दिनों पहाड़ों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण बीते जुलाई माह में सुपीन नदी पर बनी अस्थायी लकड़ी की पुलिया टूट गई। पुलिया टूटने से स्थानीय ग्रामीणों को 20 किमी दूर पैदल चलकर जखोल पहुंचना पड़ता था। बीते ढ़ाई महीनों से ग्रामीणों को आवाजाही करने में परेशानी हो रही थी। सुपीन नदी में पुल निर्माण के लिए कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हुआ। शासन-प्रशासन को आइना दिखाने के लिए ग्रामीणों ने स्वयं अस्थायी पुलिया निर्माण की जिम्मेदारी उठाई और इधर-उधर जंगलों से लकड़ी काटकर यहां अस्थायी पुलिया निर्माण करने में जुट गए, जो तैयार भी हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि सुपीन नदी पर स्थायी पुलिया निर्माण के लिए शासन-प्रशासन को ज्ञापन भेजा जाएगा। निर्माण नहीं होने पर ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।

Posted By: Jagran