उत्तरकाशी, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के कारण लागू लॉकडाउन के चलते ऑलवेदर निर्माण में लगे मजदूर दाने-दाने को मोहताज हो गए थे। ठेकेदार भी गायब बताया जा रहा है। आरोप है कि ठेकेदार उन्‍हें भूखा छोड़कर अपने घर निकल गया, जो कई दिनों से उनके फोन भी नहीं उठा रहा है। जब मजदूरों के पास कुछ भी खाने के लिए नहीं बचा, तो उन्होंने अपनी आपबीती पुलिस को सुनाई। पुलिस ने पहले तो मजदूरों को भोजन खिलाया, फिर ठेकेदार के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपित ठेकेदार चमोली निवासी है।

दरअसल, धरासू-चंबा के बीच चल रहे ऑल वेदर रोड निर्माण के तहत चमोली जनपद निवासी राजेश खत्री नाम का पेटी कांट्रेक्टर धरासू पुल के पास ट्रीटमेंट कार्य करवा रहा था। राजेश के अंडर में नेपाल मूल के दस मजदूर काम कर रहे थे। मजदूरों का आरोप है कि कोरोना कहर के बीच ऑल वेदर रोड का निर्माण थमा तो ठेकेदार बिना बताए ही कहीं निकल गया। 

मजदूरों के पास जब तक पैसे थे तो राशन खरीदकर अपना पेट भर रहे थे। मजदूरों के पास राशन खत्म हुआ तो मजदूरों ने ठेकेदार को फोन लगाया। लेकिन, ठेकेदार ने मजदूरों का फोन नहीं उठाया। बीते बुधवार की रात को भूखे-प्यासे मजदूर धरासू थाने पहुंचे। जहां धरासू थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल को अपनी आपबीती सुनाई।

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थानाध्यक्ष विनोद थपलियाल ने बताया कि भूखे-प्यासे दस मजदूरों को पुलिस ने खाना खिलाया और लॉकडाउन खत्म होने तक राशन की व्यवस्था की है। आरोपित ठेकेदार राजेश खत्री के खिलाफ मजदूरों की जीवन खतरे में डालने, लॉकडाउन में भारत सरकार के निर्देशों का पालन न करने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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