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उत्तराकाशी में केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन की घटना के बाद ट्रेकिंग सुरक्षा नियम होंगे सख्त

Published: Mon, 02 Nov 2026 09:41 PM (IST)Updated: Mon, 02 Nov 2026 10:01 PM (IST)

केदारताल हिमस्खलन हादसे के बाद उत्तरकाशी प्रशासन ट्रेकिंग सुरक्षा नियमों को सख्त करने की तैयारी में है। आपदा की स्थिति ...और पढ़ें

आपदा की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों के संसाधन मजबूत करने पर विचार

आपदा की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों के संसाधन मजबूत करने पर विचार

HighLights

  1. केदारताल हिमस्खलन के बाद ट्रेकिंग नियम सख्त होंगे।

  2. सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

  3. आपदा बचाव कार्यों के लिए एसओपी अपडेट होगी।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन की घटना के बाद ट्रेकिंग सुरक्षा नियम सख्त करने की तैयारी है। प्रशासन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के साथ आपदा की स्थिति में बचाव एवं राहत कार्यों के संसाधन मजबूत करने पर विचार कर रहा है। इसके लिए पहले से लागू मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में संशोधन कर नए प्रविधान जोड़े जा सकते हैं।

दो वर्ष पहले सहस्त्रताल ट्रेक पर हुए हादसे के बाद भी ट्रेकिंग के लिए एसओपी तैयार की गई थी। वर्ष 2024 में मौसम अचानक बदलने से कर्नाटक का 22 सदस्यीय दल रास्ता भटक गया था। इस हादसे में नौ ट्रेकर्स की मौत हुई थी। इसके बाद ट्रेकिंग नियमों और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे।

तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी जय किशन की अध्यक्षता में एसओपी तैयार करने के लिए समिति गठित की थी। इसमें पर्यटन विभाग, एसडीआरएफ, वन विभाग, नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) और गंगा व टौंस घाटी ट्रेकिंग एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल थे।

समिति ने एक माह में करीब 11 पेज का प्रारंभिक ड्राफ्ट तैयार किया था। इसमें ट्रेकिंग संचालन और सुरक्षा से जुड़े कई प्रावधान थे। यह एसओपी लागू है। अब इसे अधिक प्रभावी बनाने और नए प्रावधान जोड़ने पर विचार हो रहा है।

उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्य ने कहा कि पहले से जो नियम हैं, उनमें क्या नई चीजें जोड़ी की जा सकती है। जैसे सितंबर में मौसम एकदम से प्रतिकूल हुआ, दो दिन पहले भी मौसम प्रतिकूल हुआ तो रेस्क्यू के लिए हमारे पास कितने संसाधन हैं, उसके लिए एसओपी को डिजाइन करने या पुरानी एसओपी को अपडेट करने पर विचार किया जा रहा है।

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