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धराली में मलबे से कल्पकेदार मंदिर निकालने का कार्य शुरू, ग्रामीणों ने की पहल, पिछले साल की आपदा में दब गया था मंदिर

Published: Sun, 11 Oct 2026 09:17 PM (IST)

उत्तरकाशी के धराली में पिछले साल की आपदा में मलबे में दबे प्राचीन कल्पकेदार मंदिर को बाहर निकालने के लिए ...और पढ़ें

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HighLights

  1. प्राचीन कल्पकेदार मंदिर को मलबे से बाहर निकालने की खुदाई शुरू।

  2. ग्रामीणों और मंदिर समिति ने सोमेश्वर देवता की अनुमति से कार्य किया।

  3. पिछले साल खीर गंगा बाढ़ में मंदिर मलबे में दब गया था।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। बीते वर्ष धराली में आई विनाशकारी आपदा में मलबे में दबे प्राचीन कल्पकेदार मंदिर को बाहर निकालने के लिए ग्रामीणों ने खुदाई शुरू करवा दी है। रविवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिर समिति और ग्रामीणों ने सोमेश्वर देवता की डोली की मौजूदगी में विधिवत हवन-पूजन व भूमि पूजन किया।

इसके बाद एक्सकेवेटर मशीन (पोकलेन) की मदद से मंदिर को मलबे से बाहर निकालने के लिए खुदाई कार्य शुरू करवाया गया।
बता दें कि बीते वर्ष पांच अगस्त को खीर गंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के साथ आए मलबे ने धराली में भारी तबाही मचाई थी।

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इस दौरान प्राचीन कल्पकेदार मंदिर का ऊपरी गुंबद ध्वस्त हो गया था, जबकि मंदिर गर्भगृह व परिसर मलबे में दब गया था। बीते पांच अगस्त को आपदा की बरसी पर ग्रामीणों ने क्षेत्र के आराध्य देवता सोमेश्वर से मंदिर की खुदाई की अनुमति मांगी थी।

ग्रामीणों के अनुसार, देवता ने नवरात्र से खुदाई शुरू करने की अनुमति दी थी। प्राचीन कल्पकेदार मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश पंवार और सचिव संजय पंवार ने बताया कि कल्पकेदार मंदिर धराली की पहचान रहा है। यहां दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलता था।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने भी पूर्व में मंदिर को मलबे से बाहर निकालने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हो सकी। ऐसे में ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए खुदाई शुरू कराई है।

एक्सकेवेटर मशीन से प्रतिदिन करीब आठ घंटे चलने वाले खुदाई कार्य पर लगभग 40 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस अवसर पर मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष विपेंद्र पंवार, ग्राम प्रधान अजय नेगी, सुशील पंवार, जय भगवान सिंह पंवार, महेश पंवार, दुर्गेश पंवार, सचेंद्र पंवार, शैलेंद्र सिंह पंवार, युवक मंगल दल अध्यक्ष शुभम पंवार सहित महिला मंगल दल और कीर्तन मंडली के सदस्य मौजूद रहे।

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