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उच्च हिमालय में भारी बर्फबारी, उत्तराखंड के उत्तरकाशी में ट्रेकिंग और पर्वतारोहण पर रोक

Published: Thu, 01 Oct 2026 09:25 AM (IST)

उच्च हिमालय में भारी बर्फबारी के बाद गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने ट्रेकिंग और पर्वतारोहण गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है।

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जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। बीते दिनों मौसम बिगड़ने से उच्च हिमालय में बर्फबारी के चलते पर्वतारोही व ट्रेकरों के फंसने की घटना सामने आने के बाद गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने ट्रेकिंग व पर्वतारोहण गतिविधियों पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।

पार्क के अधिकारियों का कहना है कि उच्च हिमालय में मौसम बदलने से भारी बर्फबारी हुई है। इस कारण सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है।

 

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फंस गए थे 136 पर्वतारोही व ट्रेकर

बता दें बीते शनिवार रात को मौसम बदलने के चलते उच्च हिमालय में भारी बर्फबारी हुई। इस कारण हाई अल्टीट्यूट एक्सपीडिशन और ट्रेकिंग के लिए गए करीब 136 पर्वतारोही व ट्रेकर फंस गए थे, जिनकी सुरक्षित वापसी को जिला प्रशासन, सेना, पुलिस, एसडीआरएफ व आपदा प्रबंधन आदि की टीमों को हर्षिल स्थित सेना के हेलीपैड से हेली रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा था।

सोमवार-मंगलवार दो दिन चले इस अभियान में 67 पर्वतारोहियों व ट्रेकरों को सकुशल रेस्क्यू किया गया था। वहीं, 53 पर्वतारोही व ट्रेकरों ने स्वयं वापस लौटने तथा मांउट श्रीकंठ आरोहण को गए सीमा सुरक्षा बल 18 सदस्यीय दल ने अभियान जारी रखने की सूचना दी थी।

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रेस्क्यू कर वापस लाए गए ट्रेकरों ने कालिंदी खाल बेस सहित ऑडेन कोल पास आदि में पांच से छह फीट तक बर्फबारी की सूचना दी थी। इसके मद्देनजर गंगोत्री नेशनल पार्क प्रशासन ने उच्च हिमालय में पर्वतारोहण व ट्रेकिंग को लेकर अनुमति देने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।

पार्क के उप निदेशक मयंक गर्ग ने बताया कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई है, ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। इधर, उत्तरकाशी वन प्रभाग के डीएफओ जीवन मोहन दगाड़े ने बताया कि दयारा बुग्याल, डोडीताल आदि ट्रेक रूटों पर भी वर्षा के मद्देनजर आवाजाही रोकी गई थी, जिसे जिलाधिकारी से अनुमति के बाद ही खोला जाएगा।

गंगोत्री-गाेमुख सहित मध्य जोखिम वाले ट्रेक पर दी जाए अनुमति

गढ़वाल हिमालय माउंटेनियरिंग एंड ट्रेकिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा ने पिछले दिनों हुई घटना के बाद सभी तरह के ट्रेक के लिए नई अनुमति जारी न किए जाने पर आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि हाई अल्टीट्यूड पास पर नहीं, लेकिन दयारा, डोडीताल, सातताल, क्यारकोटी ट्रेक तथा गंगोत्री-गोमुख आदि पर अस्थायी रोक नहीं लगाई जानी चाहिए। कहा कि गंगोत्री-गोमुख ट्रेक पर बर्फबारी के बाद भी पर्यटकों के रहने-खाने की उचित व्यवस्था रहती है। उन्होंने कहा कि अनुमति न देने से ट्रेकिंग व पर्यटन व्यवसाय को नुकसान होगा।