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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Uttarkashi Tourism: ट्रेकिंग के लिए अनुकूल है गंगोत्री-गोमुख ट्रेक, पर्वतारोहियों ने की जांच

Published: Sat, 27 Apr 2024 03:16 PM (IST)

Uttarkashi Tourism गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में गंगोत्री से गोमुख तक निरीक्षण को गई टीम गुरुवार देर शाम भोजवासा से ...और पढ़ें

गंगोत्री गोमुख ट्रैक का निरीक्षण कर टीम वापस लौट आई है।
गंगोत्री गोमुख ट्रैक का निरीक्षण कर टीम वापस लौट आई है।

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में गंगोत्री से गोमुख तक निरीक्षण को गई टीम गुरुवार देर शाम भोजवासा से वापस लौट आई। टीम ने ट्रेक को सही पाया। चीड़वासा के निकट एक स्थान पर हिमखंड को काटकर रास्ता बनाने का कार्य चल रहा है। आम यात्रियों के लिए यह ट्रेक पांच मई तक खुल जाएगा।

वहीं, दूसरा ट्रेकिंग दल शुक्रवार को गंगोत्री से गोमुख के लिए रवाना हुआ। यह दल ट्रेकिंग एजेंसी के प्रशिक्षित गाइड के साथ गोमुख और तपोवन तक जाएगा। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट एक अप्रैल को खोले गए थे। लेकिन, पार्क प्रशासन की ओर से गंगोत्री से गोमुख जाने वाले रास्ते पर अधिक बर्फ और हिमखंड होने की बात कहते हुए ट्रेकिंग की अनुमति नहीं दी गई।

50 सदस्यीय ट्रेकिंग दल को मिली अनुमति

बाद में ट्रेकिंग संचालकों के आक्रोश को देखते हुए 25 अप्रैल को 50 सदस्यीय ट्रेकिंग दल को अनुमति मिली। इसके अलावा जिलाधिकारी डा. मेहरबान सिंह बिष्ट द्वारा सात सदस्यीय दल गंगोत्री-गोमुख ट्रेक के निरीक्षण को भेजा गया, जो गुरुवार देर शाम वापस लौटा।

ट्रेकिंग और पर्वतारोही दल के लिए ट्रेक ठीक

दल ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ट्रेकिंग और पर्वतारोही दल के लिए ट्रेक ठीक है। चीड़वासा के निकट एक स्थान पर हिमखंड भी पार करना पड़ रहा है। जिला साहसिक पर्यटन अधिकारी मोहम्मद अली ने बताया कि ट्रेकिंग और पर्वतारोहण दल के लिए ट्रेक पूरी तरह से सही है। एक स्थान पर हिमखंड आया हुआ है। इस पर पार्क प्रशासन का कहना है कि दो मई तक रास्ता तैयार हो जाएगा, ताकि आम यात्री भी आवाजाही कर सकें।

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