यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Chardham Yatra 2024: उत्तरकाशी में बिना पंजीकरण पहुंचे 1000 यात्री नहीं कर सके दर्शन, स्लिप में छेड़छाड़ पर गुजरात के 80 तीर्थयात्री रोके
Chardham Yatra 2024 गुरुवार को उत्तरकाशी जिले के डामटा और नगुण के पास ऐसे करीब एक हजार तीर्थ यात्रियों को ...और पढ़ें

HighLights
- एक हजार तीर्थयात्रियों को झेलनी पड़ी फजीहत
जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी: Chardham Yatra 2024: जाम से जूझ रहे यात्रा मार्गों पर व्यवस्था बनाने में जुटा प्रशासन बिना पंजीकरण पहुंच रहे तीर्थ यात्रियों को लेकर सख्त हो गया है। गुरुवार को उत्तरकाशी जिले के डामटा और नगुण के पास ऐसे करीब एक हजार तीर्थ यात्रियों को रोक दिया गया।
ये तीर्थयात्री बिना पंजीकरण गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पर जा रहे थे। इनमें से अधिकांश तीर्थयात्री लौट गए हैं, जबकि कुछ राहत मिलने की उम्मीद में देर शाम तक बैरियर के पास ही इंतजार करते रहे।
गंगोत्री-यमुनोत्री राजमार्ग पर जाम
धामों में उमड़ रही भीड़ और विशेषकर गंगोत्री-यमुनोत्री राजमार्ग पर लग रहे जाम को देखते हुए बुधवार से आफलाइन यात्रा पंजीकरण बंद है। फिलहाल, इसे 19 मई तक बंद रखने का आदेश है। ऐसे में तीर्थयात्री बिना पंजीकरण के ही धामों की तरफ बढ़ रहे हैं। गुरुवार को यमुनोत्री राजमार्ग पर सुबह से शाम तक डामटा बैरियर पर बिना पंजीकरण के 600 से अधिक तीर्थयात्री पहुंचे। इन सभी को रोक लिया गया।
इनमें अधिकांश तीर्थयात्री गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से आए थे। गुजरात के सूरत से आई पूनम उपेंद्र सिंह ने बताया कि उनके साथ 45 सदस्यीय दल है। उन्होंने पहले आनलाइन पंजीकरण कराने का प्रयास किया, मगर 16 मई के आसपास स्लाट नहीं मिला।
यह सोचकर मंगलवार को हरिद्वार आ गए कि आफलाइन पंजीकरण करा लेंगे। लेकिन, बुधवार और गुरुवार को कार्यालय बंद रहने से आफलाइन पंजीकरण भी नहीं हो पाया। एक अन्य तीर्थयात्री बाजू भाई पटेल ने बताया कि गुरुवार सुबह छह बजे से डामटा में खड़े-खड़े शाम हो गई, मगर आगे नहीं जाने दिया जा रहा।
इसी तरह गंगोत्री राजमार्ग स्थित नगुण बैरियर पर 400 से अधिक तीर्थयात्री बिना पंजीकरण के रोके गए। इनमें कुछ तीर्थयात्री लौट गए, जबकि कुछ देर शाम तक अनुमति का इंतजार करते रहे। लखनऊ निवासी तीर्थयात्री विनय मिश्रा ने बताया कि वह 13 मई को उत्तराखंड आए थे और सबसे पहले बदरीनाथ चले गए।
15 मई को गंगोत्री के लिए रवाना हुए और सुबह सात बजे नगुण बैरियर पहुंचे, लेकिन पंजीकरण नहीं होने के कारण आगे नहीं जाने दिया गया। उनके पास आनलाइन पंजीकरण है, मगर वह जून का है। दोपहर में वह ऋषिकेश लौट गए।
पंजीकरण स्लिप में छेड़छाड़ पर गुजरात के 80 तीर्थयात्री रोके
उत्तरकाशी: चारधाम यात्रा पंजीकरण में फर्जीवाड़ा भी किया जा रहा है। इस कारण गुरुवार को भावनगर (गुजरात) के 80 तीर्थ यात्रियों के दल को गंगोत्री राजमार्ग पर हीना स्थित पंजीकरण जांच केंद्र में रोक दिया गया।
पंजीकरण कर्मचारी के अनुसार, तीर्थ यात्रियों को आनलाइन पंजीकरण में यात्रा के लिए 15 जून का स्लाट मिला था, लेकिन तीर्थ यात्रियों ने पंजीकरण की जो स्लिप दी, उसमें 15 मई का स्लाट दिखाया गया। जांच में दस्तावेज में छेड़छाड़ की बात सामने आई। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। तीर्थ यात्रियों का यह दल दोपहर में हीना पहुंचा।
पंजीकरण जांच केंद्र पर मौजूद कर्मचारी ने जब पंजीकरण स्लिप पर अंकित क्यूआर कोड की जांच की तो पता चला कि उन्हें 15 जून का यात्रा स्लाट मिला है। इस पर तीर्थ यात्रियों ने बताया कि हरिद्वार में एक एजेंसी के माध्यम से आनलाइन पंजीकरण करवाया था, जिसने यात्रा की तिथि 15 मई बताई और पंजीकरण स्लिप में भी यही तिथि अंकित थी। पंजीकरण के लिए एजेंसी ने रुपये भी लिए।
उत्तरकाशी के पुलिस उपाधीक्षक प्रशांत कुमार ने बताया कि इन तीर्थ यात्रियों को बिना पंजीकरण के मानते हुए वापस भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन तीर्थयात्रियों के पास निश्चित तिथि का पंजीकरण होगा, उन्हें ही धामों की ओर जाने दिया जाएगा।
