उत्तराखंड में कैलाश और बैगुल नदी का कहर, कहीं समाया घर तो कहीं धंसा हाईवे
पहाड़ों में भारी बारिश के कारण सितारगंज में कैलाश और बैगुल नदियों का जलस्तर बढ़ने से तबाही मची है। कैलाश ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, सितारगंज । पहाड़ों में हो रही भारी बारिश का असर मैदानी क्षेत्र में कैलाश और बैगुल नदियों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है। मंगलवार रात दोनों नदियों के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने सितारगंज क्षेत्र में तबाही मचा दी। कैलाश नदी ने बहाव का रुख बदला तो बिज्टी-मझोला स्टेट हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा कटाव की चपेट में आकर धंस गया।
वहीं शक्तिफार्म के सुरेंद्रनगर में बैगुल नदी के तेज कटाव से एक परिवार का घर नदी में समा गया। कई जगहों पर खेत भी नदी के कटाव और पानी की चपेट में आ गए। सूचना पर प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
कैलाश पुल के पास हाईवे का 20 मीटर हिस्सा धंसा
मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे कैलाश नदी का बहाव अचानक बदल गया। नदी का पानी खेतों को काटता हुआ बिज्टी-मझोला स्टेट हाईवे तक पहुंच गया। तेज बहाव से सड़क के नीचे की मिट्टी का कटाव होने लगा और देखते ही देखते कैलाश पुलिया के एप्रोच मार्ग का करीब 20 मीटर हिस्सा धंसकर नदी में समा गया।
सड़क क्षतिग्रस्त होने से हादसे की आशंका बढ़ गई। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल बैरियर लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी। बाद में वाहनों को खेमपुर-मटिया मार्ग से डायवर्ट किया गया। इससे रात में मार्ग पर संभावित हादसा टल गया।
रातभर सड़क बचाने में जुटी रही टीम
हाईवे क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर लोक निर्माण विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। कर्मचारियों ने रातभर पत्थर और अन्य सामग्री डालकर सड़क के धंसे हिस्से को सुरक्षित करने का काम किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद बुधवार सुबह मार्ग को अस्थायी रूप से आवागमन योग्य बनाया गया और वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी गई।
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अपर सहायक अभियंता सत्यपाल सिंह ने बताया कि कैलाश नदी ने बहाव का रुख बदलते हुए खेतों को काट दिया और पानी स्टेट हाईवे तक पहुंच गया। तेज बहाव से पुल के एप्रोच मार्ग के नीचे की मिट्टी कटने के कारण करीब 20 मीटर सड़क धंस गई थी। कर्मचारियों ने रातभर काम कर मार्ग को आवागमन योग्य बनाया।
बैगुल के कटाव में नदी में समा गया घर
शक्तिफार्म के सुरेंद्रनगर में बैगुल नदी के बढ़े जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी। नदी का कटाव तेज होने से आसपास की कृषि भूमि पानी और कटाव की चपेट में आ गई। देखते ही देखते एक परिवार का आशियाना भी नदी में समा गया।
प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवार को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। नदी के कटाव से सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि पर भी संकट मंडरा रहा है। खेतों में पानी भरने और जमीन कटने से किसानों को फसल के नुकसान की चिंता सताने लगी है।
बच्चों को रिश्तेदारों के घर भेज लौटे परिवार
मंगलवार को बैगुल के बढ़े जलस्तर से नकहा और नयागांव के कई परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया था। बुधवार को जलस्तर कुछ कम होने के बाद राहत शिविरों में ठहरे कुछ परिवार अपने घर लौट गए।
प्रभावित कुलदीप ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें रिश्तेदारों के यहां भेज दिया गया है। परिवार के अन्य सदस्य घर लौटकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं और घर को दोबारा संभालने में जुटे हैं।
पहले भी बदल चुका है कैलाश नदी का रुख
ओबीसी आयोग के सदस्य हरजिंदर सिंह खालसा ने बताया कि कैलाश नदी के बहाव का रुख बदलने के कारण कैलाश पुल का एप्रोच मार्ग क्षतिग्रस्त हुआ है। इससे पहले भी नदी के बहाव में बदलाव के कारण स्टेट हाईवे को नुकसान पहुंच चुका है। उन्होंने नदी के कटाव को रोकने और बहाव को नियंत्रित करने के लिए स्थायी सुरक्षा कार्य कराए जाने की जरूरत बताई।
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प्रभावित इलाकों पर प्रशासन की नजर
तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति पर नजर रख रही हैं। नदी किनारे रहने वाले परिवारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। उन्होंने लोगों से नदी किनारे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।
