संवाद सहयोगी, खटीमा : खकरा व ऐंठा नाले में सफाई के टंेंडर की आड़ में मिट्टी खनन करने पर नगर पालिका प्रशासन ने ठेका निरस्त कर दिया है। पालिका अब स्वयं सफाई का काम कराएगी। पालिका के इस फैसले से ठेकेदारों में हड़कंप मचा है।

नगर के बीच से गुजरने वाले खकरा व ऐंठा नाले हर बरसात में ओवरफ्लो होकर जलभराव की समस्या पैदा करते हैं। इसको लेकर प्रशासन ने पालिका प्रशासन को बरसात से पूर्व नालों की सफाई कराने के निर्देश दिए थे। पालिका प्रशासन ने दोनों नालों की साफ-सफाई के लिए अलग-अलग स्थानों हेतु निविदा निकाली थी। यह सफाई कार्य करीब 53 लाख की लागत से होना था। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने के दौरान नालों में गिरे मलबे को भी 290 रुपये प्रति ट्राली की दर से पालिका में जमा करना था।

टेंडर को कुछ ठेकेदारों ने मिलकर लिया था, जिसके बाद मलबा निकालने की बजाय नालों की पटरियों को खोद अवैध मिट्टी खनन का खेल कर डाला। सभासद ललिता कन्याल की शिकायत पर पुलिस ने रात में तीन ट्रालिया भी जब्त की। एसडीएम निर्मला बिष्ट ने ठेकेदार, पालिका चेयरमैन, ईओ को हिदायत दी कि सफाई के दौरान मिट्टी का खनन नहीं होगा। जो मिट्टी निकलेगी, उससे तटबंध को मजबूत किया जाएगा, लेकिन ठेकेदारों की मनमानी नहीं रुकी।

मामले की फिर से शिकायत पर एसडीएम ने खनन अधिकारी के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। इस पर खनन अधिकारी ने खनन को अवैध बता पाच गुना पेनाल्टी डालने की बात कही। इसके बाद मिट्टी खोदने और निकालने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई।

शुक्रवार को प्रभारी अधिशासी अधिकारी राकेश कोटिया ने बताया कि उक्त सभी टेंडरों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। ठेकेदार सफाई कार्य के बजाय खनन कर रहे थे, अनुबंध के आधार पर 15 दिनों का समय पूरा हो चुका है। जिन स्थानों पर सफाई होने थी, वहा तक ठेकेदार पहुच नहीं पाए। ईओ ने बताया कि अब नगर पालिका खुद जेई से स्टीमेट बनाकर सफाई कार्य कराएगी।

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