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Uttarakhand: सराफा व्‍यापारी संग मिल 19 साल के तीन दोस्‍त कर रहे थे संगीन अपराध, ली थी ट्रेनिंग; प्‍लानिंग देख पुलिस भी चकराई

Udhamsingh Nagar Crime नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जनपद में आधा दर्जन से अधिक चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधी महज 19 वर्ष के हैं। दरअसल ये तीनों हल्द्वानी मुखानी में चोरी की घटना में जेल काटकर आए हैं। तीनों दोस्त हैं। वह चोरी की घटना से बचने के लिए और जेवर की पहंचान न हो पाए इसके लिए बकायदा प्रशिक्षण लिया।

By brijesh pandey Edited By: Nirmala Bohra Thu, 11 Jul 2024 03:34 PM (IST)
Udhamsingh Nagar Crime: हल्द्वानी मुखानी में चोरी की घटना में जेल काटकर आए हैं तीनों

बृजेश पांडेय, जागरण रुद्रपुर। Udhamsingh Nagar Crime: नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जनपद में आधा दर्जन से अधिक चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधी महज 19 वर्ष के हैं। खास बात है कि तीनों आरोपित हमउम्र यानी 19 वर्ष के हैं। जेल भी जा चुके हैं।

बाहर आने पर वह चोरी की घटना से बचने के लिए और जेवर की पहंचान न हो पाए, इसके लिए बकायदा प्रशिक्षण लिया। जेवरों को पिघलाकर गिन्नी कर रूप देते थे। जिसके बाद सराफा व्यापारी और चोर दोनों खुद को सुरक्षित समझते थे।

रुद्रपुर और ट्रांजिट कैंप थाना क्षेत्र के दो घरों में करीब पांच लाख रुपये की चोरी की घटना को अंजाम देने वाले मानपुर पश्चिम देवलचौड़ हल्द्वानी निवासी सुभाष दिवाकर पुत्र अशोक दिवाकर, कृष्णा फार्म हाउस देवलचौड़ हल्द्वानी निवासी संदीप कुमार पुत्र नंदकिशोर और जीतपुर नेगी हल्द्वानी निवासी उज्ज्वल सिंह परगाई पुत्र नंदन सिंह परगाई की गिरफ्तारी कई सवाल खड़े कर रही है।

तीनों हैं दोस्‍त 

दरअसल ये तीनों हल्द्वानी मुखानी में चोरी की घटना में जेल काटकर आए हैं। तीनों दोस्त हैं और 19 वर्ष के हैं। आदतन चोरी करने वाले तीनों युवा पूरी प्लानिंग कर, चोरी की माल कहां खपाएंगे, चोरी के लिए प्रयुक्त औजार और उपकरण कहां छिपाएंगे, रेकी कौन करेगा, माल किसको और कहां बेचेंगे आदि पर गहन मंथन करके घटना को अंजाम देते हैं।

सराफा व्यापारी गांधी ज्वेलर्स मोहम्मद अजीम पुत्र मोहम्मद इजराइल निवासी वार्ड नंबर छह कालाढूंगी से संपर्क में यह कैसे आए इस बारे में अभी जानकारी पुलिस जुटा रही है। शातिर सराफा व्यापारी ने चोरी का माल खरीदने पर पकड़ा न जाए, इसके लिए संभवत: तीनों आरोपितों को सराफा कार्य का भी प्रशिक्षण दिया होगा। यही वजह है कि तीनों अपने साथ ब्यूटेन केन लेकर चलते थे।

आरोपित चोरी के तुरंत बार सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर सोने के आभूषण को ब्यूटेन गैस की मदद से गलाकर गिन्नी का रूप दे देते थे। यहां से चोरी किए गए आभूषणों को भी गिन्नी में परिवर्तित कर सराफा व्यापारी को बेच दिया था। जिस पर कुछ रुपये उसने दे दिए थे, शेष रुद्रपुर आकर देने की बात कही थी।

पुलिस का कहना है कि जिस वक्त सराफा व्यापारी रुपये देने मोदी मैदान में आया, उसी वक्त चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब सवाल उठता है कि आरोपित और डील करने वाला सराफा व्यापारी दोनों ही हल्द्वानी के हैं। ऐसे में वह रुपये देने रुद्रपुर क्यों आया।

गिरफ्तारी के दिन बना रहे थे चोरी की योजना

जिस दिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था, उस समय भी वह कहीं चोरी की योजना बना रहे थे। मौके पर उनकी निशानदेही पर लोहे की राड पुलिस ने बरामद की है।

जमीन में लोहे की राड गाड़कर, लगाते थे निशान

घर के दरवाजों का ताला तोड़ने के लिए आरोपित लोहे की राड का उपयोग करते थे। चोरी की घटना के बाद यह उस राड को कहीं एकांत मैदान में गाड़कर उसके आस पास निशान लगा देते थे। गिरफ्तारी के दिन मोदी मैदान में इन्होंने राड को गाड़कर पास के दीवार पर निशान लगाया था।

पहले करते थे रेकी

ये तीनों चोर एकदम चोरी में परिपक्व हो चुके थे। आदतन चोरी के चलते यह बंद पड़े मकान, नव निर्मित या निर्माणाधीन मकान की दो से तीन दिनों तक रेकी करते थे। इसके बाद मकान स्वामी के अनुपस्थित में घर को निशान बनाते थे।

कहां से लिया प्रशिक्षण

तीनों आरोपित सोने को आसानी से बेचने के लिए उसे गलाते थे। सवाल उठता है कि उन्हें सोना गलाकर गिन्नी बनाने का प्रशिक्षण किसने दिया, किस धातु से सोना पिघलाते हैं आदि जानकारी किसने दी।