संवाद सहयोगी, खटीमा : वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने कहा कि नशे के बढ़ते चलन की वजह से सामाजिक व आर्थिक अपराध भी तेजी से बढ़े हैं। इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वयं से पहल करनी होगी। नौनिहालों को नशे के घातक परिणामों से अवगत कराना माता-पिता व गुरुजनों का अहम दायित्व है। नशा मुक्त समाज निर्माण से ही विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

एसएसपी डॉ. दाते ने मंगलवार को शिक्षा भारती सीनियर सेकेंड्री स्कूल में बच्चों को नशा मुक्ति, यातायात नियमों व साइबर क्राइम के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशा किसी भी समाज के लिए अभिशाप है। उन्होंने बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए कहा कि प्रत्येक वर्ष नशे से 10-12 लोगों की मौत हो रही है। हाल ही में शक्तिफार्म में एक युवक की मौत हुई है। बच्चों को नशे से दूर रहना होगा। तभी वे बेहतर नागरिक बन सकेंगे। एसएसपी ने कहा कि वाहन केवल बालिग ही चलाएं। बच्चों को वाहन चलाने की जिद नहीं करनी चाहिए। प्रतिवर्ष जिले में 280 लोगों की मौत सड़क हादसे में होती है। इनमें अधिकांश युवा होते हैं। वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। इससे पूर्व बच्चों ने वंदना व सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। इस मौके पर संस्थापक एचसी पांडे, प्रबंधक विनय पांडे, विकास पांडे, कोतवाल योगेश उपाध्याय, प्रधानाचार्य डीसी उप्रेती, सीमा उप्रेती आदि मौजूद थे।

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