संवाद सहयोगी, बाजपुर : जांच में कुछ आय व जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने के बाद प्रशासन ने मुकदमा दर्ज करवाने की तैयारी शुरू कर दी है। फर्जी प्रमाण पत्र बनाने वाले व बनवाने वाले दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि दो लोगों के नामों का खुलासा भी हो चुका है।

तहसीलदार जोगा सिंह ने बताया कि शिकायत मिली थी कि वर्तमान समय में तहसील के अंदर जाति, स्थाई आदि प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है। जांच में ऐसा ही एक मामला पकड़ में आया है। जिसमें एक व्यक्ति ने लगभग दो माह पूर्व अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति व आय प्रमाण 16 सितंबर को फर्जी बनाकर दे दिए थे। कहा कि मामला सामने आने पर जब उन्होंने पंजिका रजिस्टर में दोनों प्रमाण पत्रों में अंकित क्रम संख्या का मिलान करवाया तो अलग मिले। जो क्रम संख्या प्रमाण पत्रों पर अंकित है उस पर अभी तक प्रमाण पत्र जारी ही नहीं हुए हैं। दोनों प्रमाण पत्र फर्जी है। संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। बताते चलें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षित सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए नामांकन पत्र के साथ संबंधित वर्ग का प्रमाण पत्र भी लगाना अनिवार्य है। जिसके चलते तहसील में इन दिनों जाति, स्थाई, आय आदि प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए रोजाना सैकड़ों की संख्या में भीड़ जुट रही है। सूत्रों की माने तो तहरीर कोतवाली में दे दी गई है। जिसमें आरोपितों की तलाश में पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है ।

Posted By: Jagran

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