जागरण संवाददाता, रुद्रपुर :

मां सर्वेश्वरी कालोनी में हत्या के बाद हुई डकैती के खुलासे को पुलिस ने 74 दिन के भीतर उप्र, एमपी, पंजाब के साथ ही उत्तराखंड के 600 संदिग्धों से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस की नजर में आए करीब 40 हजार से अधिक मोबाइल नंबर भी ट्रेस किए गए। तब कहीं जाकर पुलिस डकैतों तक पहुंच पाई।

22 जून को मां सर्वेश्वरी कालोनी में अपर्णा प्रिया की हत्या के बाद डकैती की वारदात की गई थी। वारदात के बाद से पुलिस की 12 टीमें डकैतों की तलाश में जुट गई। इस दौरान पुलिस ने उत्तराखंड के साथ ही उप्र, एमपी, बिहार, हरियाणा, पंजाब पहुंचकर संदिग्धों से पूछताछ करनी शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक वारदात के खुलासे में जुटी टीम ने इस बीच करीब 40 हजार संदिग्ध मोबाइल नंबरों के साथ ही 600 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की। तब जाकर डकैतों के संबंध में जानकारी मिलनी शुरू हुई। साथ ही कुछ मोबाइल नंबर भी मिले। इसके बाद करीब 74 दिन बाद शनिवार को आखिरकार पुलिस की टीम डकैतों तक पहुंच गई। इंसेट-

एसटीएफ और एसओजी की रही अहम भूमिका

40 हजार से अधिक मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगाकर उन्हें चेक करना एसटीएफ और सर्विलांस के जिम्मे था। एसटीएफ प्रभारी एमपी ¨सह और एसओजी प्रभारी एके ¨सह और बाजपुर कोतवाल तुषार बोरा के नेतृत्व में लगी टीमों ने लालकुआं, हल्द्वानी, रामनगर, रुद्रपुर, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, पंजाब, हरियाणा पहुंचकर संदिग्धों नंबरों को सर्विलांस पर लगाया। स्वयं एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने खुलासे के दौरान एसओजी के साथ ही एसटीएफ प्रभारी एमपी ¨सह और उनकी टीम में शामिल महेंद्र गिरि, गो¨वद बिष्ट, किशोर कुमार, सुरेंद्र ¨सह, दुर्गा ¨सह और सलमान अली की पीठ थपथपाई।

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