जागरण संवाददाता, काशीपुर : पिकी रावत हत्या कांड के घटनाक्रम, हालात और हत्या के तरीके खटक रहे हैं। लग रहा है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल लूट दिखाया गया है। सामान्यत: मात्र मोबाइल के लिए कोई ऐसा कदम

नहीं उठाता। लेकिन पिंकी की हत्या के मामले में ऐसा ही हुआ। उस पर एक-दो नहीं, ताबड़तोड़ सात वार किए गए हैं। ऐसे में लग रहा है कि हत्या का उद्देश्य कुछ और ही था।

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लूट के लिए हत्या तो रुपये क्यों छोड़ दिए

लूट के लिए हत्या की बात शुरू से ही संदेहास्पद रही। पिंकी का मोबाइल और गल्ले में पड़ी नकदी च्यों की त्यों है। यदि लूट के लिए आरोपित दुकान में घुसा होता तो वह मोबाइल और नकदी को नहीं छोड़ता। पुलिस भी लूट की घटना को संदेहास्पद मानकर जांच में जुटी है।

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काउंटर पर हमले से चीख तो निकली होगी!

दिनदहाड़े गिरीताल रोड स्थित भूमिका इंटरप्राइजेज में सेल्स गर्ल पिकी रावत की हत्या किसी के गले नहीं उतर रही है। भीड़भाड़ वाले रास्ते पर हत्या की वारदात को अंजाम देकर लूट की घटना से आसपास के क्षेत्र के लोग भी सहमे हुए हैं। ऐसे में एक सवाल सभी को खटक रहा है कि काउंटर पर पिंकी मोबाइल दिखा रही थी। ऐसे में हमला होने पर वह चीखी जरूर होगी। लेकिन आसपास किसी को भी उसकी आवाज नहीं सुनाई दी।

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पुलिस के दावों की भी निकली हवा

पुलिस जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगवाने की अपील करती है। खासकर दुकानों में तो जरूर। लेकिन इस पहल का कहीं असर नहीं दिखा। भूमिका इंटरप्राइजेज में अगर कैमरे लगे होते तो हत्या की पूरी कहानी ही साफ हो जाती।

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पिंकी के मकान मालकिन से मिली अहम जानकारी

पिकी की मकान मालकिन की बातों से घटना में नया मोड़ आ सकता है। मानपुर रोड स्थित आरके पुरम-द्वितीय निवासी रेनू बिष्ट ने बताया कि पिंकी छह माह से मकान में रह रही थी। उसके कमरे में अक्सर कुंडेश्वरी निवासी रावत नामक लड़का मिलने पहुंचता था, जिसे वह अपना मित्र बताती थी। लड़का खनन का कारोबार करता है।

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दो दिन से थी छुट्टी पर

दुकान मालिक मनीष ने बताया कि पिकी दो दिन से दुकान पर नहीं आ रही थी। उसने पिता की तबीयत खराब होने की बात कहकर अवकाश लिया था। पिकी की बुआ आशा देवी सैनिक कॉलोनी में रहती हैं। पिकी गुरुवार को अपने पिता को लेने के लिए रामनगर गई थी। पिता बुआ के घर चले गए।

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सदमे से पिता के नहीं फूट रहे बोल

पिंकी के पिता मनोज रावत बेटी की हत्या से सदम में हैं। उनके मुंह से बोल नहीं फूट रहे हैं। उन्होंने बस यही कहा कि बेटी के साथ क्या हुआ नहीं पता। पुलिस जांच में ही पूरी बात सामने आ सकती है।

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तीन माह पहले भी हुई थी लूट

तीन माह पहले भी सिंह हास्पीटल के पीछे पटरी पर भी मोबाइल व नकदी लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। युवक के विरोध जताने पर चाकू से आरोपितों ने उसका घुटना चीर दिया था।

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वर्जन

प्रथम दृष्टया घटना लूट की नहीं लग रही है। घटना को मोड़ देने के लिए मोबाइल उठाए गए हैं। युवती का कोई परिचित भी इस घटना में शामिल हो सकता है। कई बिदुओं को ध्यान में रख पुलिस जांच कर रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।

-बरिदरजीत सिंह, एसएसपी ऊधम सिंह नगर

Posted By: Jagran

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