किसान मेला: तीन रंग के ड्रैगन फ्रूट ने खींचा ध्यान, मैकेनिकल इंजीनियर युवा किसान की कहानी बनी प्रेरणा
किच्छा के युवा मैकेनिकल इंजीनियर अनूप मौर्य ने किसान मेले में अपने ड्रैगन फ्रूट फार्म के तीन रंग के फलों से सबका ध्यान खींचा।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, पंतनगर । किसान मेले में राघवनगर किच्छा स्थित उदय ड्रैगन फ्रूट फार्म के स्टाल पर लगे तीन रंग के ड्रैगन फ्रूट ने सभी का ध्यान खींचा।
अलग-अलग रंगों में दिख रहे तीनों प्रकार अपने रंग, गुणवत्ता और स्वाद के लिए खास माने जाते हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद जिस तरह युवा किसान ने इसमें भविष्य खोजा है, वह अन्य के लिए कम प्रेरणादायी नहीं है।
यह भी पढ़ें- Rudrapur Kisan Mela: नौकरी छोड़ बागवानी से मालामाल हुए अजय नेगी, 60 किसानों को भी बनाया बागवान
सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला ड्रैगन फ्रूट
पहला बाहर गुलाबी और अंदर सफेद गूदे वाला फल है तो दूसरा बाहर पीला और अंदर सफेद गूदे वाला येलो ड्रैगन फ्रूट जो सबसे अधिक मीठा और सुगंधित माना जाता है, तीसरा वाला फल बाहर और अंदर दोनों से गहरा लाल गूदे वाला है जो एंटीआक्सीडेंट से भरपूर और स्वाद में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
फार्म संचालक युवा किसान अनूप मौर्य बताते हैं कि 2020 में पिता का निधन हो गया। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद भाई रोहित मौर्य के साथ कोरोना काल में डेढ़ एकड़ से इसकी खेती शुरू की थी। आज वे 26 वैरायटी पर काम कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें- किसानों के लिए कमाई का नया जरिया, उत्तराखंड में भी महकेगा जापान का मियाजाकी आम
उद्यान विभाग ने उन्हें दो वर्षों के लिए ड्रैगन फ्रूट स्कूल दिया है, जिसकी ट्रेनिंग 16 तारीख को संपन्न हुई है और वह नए किसानों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। एक एकड़ में 4.5 से पांच लाख की लागत आती है, जो 25 से 30 साल तक फल देती है। दूसरे साल से छह से नौ टन उत्पादन होता है और बाजार में थोक रेट 180 से 200 रुपये किलो है।
