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सरकारी पोर्टल पर डेटा एंट्री के दौरान बड़ी चूक, एक गलत क्लिक और 200 सामान्य मरीज बन गए टीबी संक्रमित

Published: Tue, 06 Jan 2026 11:52 AM (IST)

रुद्रपुर में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई है, जहाँ सीएमओ कार्यालय के एक क्लर्क की गलती से 200 सामान्य ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. 200 सामान्य मरीजों को सरकारी पोर्टल पर टीबी संक्रमित दर्ज किया।

  2. सीएमओ कार्यालय के क्लर्क की लापरवाही से हुई यह बड़ी गलती।

  3. गलत एंट्री से मरीजों में भय और सामाजिक तनाव फैला।

जागरण संवाददाता रुद्रपुर। स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सीएमओ कार्यालय में तैनात एक क्लर्क की लापरवाही ने ऐसा संकट खड़ा कर दिया कि 200 सामान्य मरीजों को सरकारी पोर्टल पर टीबी संक्रमित दर्ज कर दिया गया।

जिन लोगों ने कभी टीबी की शिकायत तक नहीं की, वे अचानक सरकारी रिकॉर्ड में संक्रामक बीमारी के मरीज बना दिए गए। जैसे ही यह जानकारी मरीजों तक पहुंची वे सकते में आ गए और विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

मामला उस समय सामने आया जब शासन की ओर से चल रही वीसी में टीबी संक्रमितों का आंकड़ा एकदम से बढ़ गया। कुछ सामान्य मरीजों को भी टीबी संक्रमित के तौर पर पोर्टल पर चढ़ा दिया गया था। इसके बाद रिकॉर्ड की जांच कराई गई तो पता चला कि टीबी नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पोर्टल पर करीब साढ़े चार लाख मरीजों की डिटेल अपलोड की गई थी।

इसी दौरान डाटा फीडिंग में चूक हो गई और 200 ऐसे मरीज, जो पूरी तरह सामान्य थे, उन्हें टीबी पॉजिटिव के रूप में दर्ज कर दिया गया। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी संख्या में गलत एंट्री होने के बावजूद किसी स्तर पर समय रहते सत्यापन नहीं किया गया।

टीबी जैसी बीमारी का नाम जुड़ते ही मरीजों और उनके स्वजन में डर और भ्रम की स्थिति बन गई। उधर, डीटीओ डॉ. हरेंद्र मलिक ने बताया कि इन मरीजों के ट्रूनेट जांच के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। 

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कई मरीजों ने बीमारी के संकोच के कारण घर से निकलना बंद कर दिया। कुछ लोगों ने कामकाज छोड़ दिया तो कई परिवारों में तनाव का माहौल बन गया। यह केवल तकनीकी गलती नहीं रही बल्कि मरीजों की मानसिक और सामाजिक स्थिति पर सीधा असर डालने वाला मामला बन गया।

यह डाटा एंट्री के दौरान हुई मानवीय भूल है। जैसे ही जानकारी मिली, तत्काल संबंधित मरीजों की सूची की जांच कराई गई और गलत तरीके से टीबी संक्रमित दर्ज किए गए सभी 200 सामान्य मरीजों का रिकॉर्ड पोर्टल से संशोधित कराया जा रहा है। मरीजों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।

                                                                                                 डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ