जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : रेनबो स्कूल में शिकायतों की पुष्टि पर शिक्षा विभाग ने विद्यालय की मान्यता रद्द करने की संस्तुति की है। मुकदमा दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस बाबत रिपोर्ट निदेशालय भेज दी गई है। स्कूल संचालक ने अभिभावकों पर आठ-नौ किताबें अन्य पब्लिकेशंस की लगाने का दबाव बनाया था। एससी-एसटी शुल्क के अभिलेख भी शिक्षाधिकारियों को नहीं दिखाए थे।

सुबह करीब साढे़ 10 बजे रेनबो पब्लिक स्कूल में जमा सैकड़ों अभिभावक स्कूल संचालक के खिलाफ विरोध प्रकट कर रहे थे। अभिभावकों का कहना था कि बच्चों को लिस्ट पकड़ा दी गई है, जिसमें अन्य पुस्तकें लगाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अन्य पुस्तकें न लगाने पर बच्चों को स्कूल से बाहर करने की धमकियां दी जा रही हैं। इस सूचना पर मुख्य शिक्षाधिकारी पीएन ¨सह, जिला शिक्षाधिकारी रवि मेहता अपनी टीम के साथ वहां पहुंच गए। टीम ने कक्षा-6 और सात में पढ़ने वाले बच्चों के बस्ते खुलवाए तो उनमें आठ से नौ किताबें अन्य पब्लिकेशंस की थी। जबकि एनसीईआरटी की सिर्फ एक-दो पुस्तकें ही पाई गई। अधिकारियों ने इस पर स्कूल संचालक संजीव मलिक को फटकार लगाई और तत्काल उनसे एनसीईआरटी की पुस्तकें लगाकर अन्य पुस्तकें वापस करने की हिदायत दी। शिक्षाधिकारियों ने जब स्कूल संचालक से एससी-एसटी छात्रों के शुल्क और अनापत्ति प्रमाण पत्र का विवरण मांगा तो अभिलेखों के लिए टालमटोल कर दी गई। इस पर मुख्य शिक्षाधिकारी पीएन ¨सह ने कार्रवाई करते हुए मान्यता रद्द करने की संस्तुति के साथ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। इस बाबत रिपोर्ट निदेशालय भेज दी है। टीम में उप शिक्षाधिकारी गुंजन अमरोही, खंड शिक्षाधिकारी मातादीन गौतम के साथ कर्मचारी भी मौजूद रहे। स्कूल की 45 शिकायतें

रेनबो पब्लिक स्कूल ऐसे मामलों से पहले भी घिरा रहा है। अब तक करीब 45 बार अभिभावक इसकी शिकायतें कर चुके हैं। शिक्षाधिकारियों ने इसकी पुष्टि की।

Posted By: Jagran

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