जागरण संवाददाता, काशीपुर : एक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत गोपीपुरा के विकास कार्य की सूचना मांगी थी। पहले तो सूचना समय से दी भी नहीं गई। जब दी गई उसमें सूचना की जगह साढ़े चार किलो के पार्सल भेजा गया जिसमें एक हजार सादे पेपर निकले। मंगलवार को खंड विकास अधिकारी के सामने उक्त पार्सल को खोलकर वीडियोग्राफी कराई गई। साथ ही प्रार्थी ने आरटीआइ का उल्लंघन बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की।

गोपीपुरा गांव के निवासी लक्ष्मन ¨सह पुत्र स्व. टीकाराम ने आरटीआइ के तहत छह जून 2018 को 2016- 2018 तक गोपीपुरा ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के बारे में छह बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। लेकिन समय से सूचना नहीं दी गई। जबकि इसके लिए खंड विकास अधिकारी द्वारा 27 अगस्त को पत्र भी भेजा गया था। आदेश के बावजूद ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी द्वारा दी गई सूचना ग्राम प्रधान ने एक पार्सल से प्रार्थी को 10 सितंबर को डाक से भेजकर मांगी गई सूचना का जवाब बताया। पार्सल का वजन लगभग साढ़े चार किलो है। उक्त पार्सल को खंड विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को खोला गया तो उसमें से एक हजार सादे पेपर निकले जिस पर कुछ भी नहीं लिखा है। प्रार्थी ने बताया कि इसकी वीडियोग्राफी भी खंड विकास कार्यालय में की गई है। साथ ही खंड विकास अधिकारी को पत्रक सौंपकर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रार्थी ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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