जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : धान खरीद को लेकर किसानों की समस्याओं को देखते हुए बोली लगाकर धान की बिक्री के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन मंगलवार सुबह तौल के वक्त न तो आढ़ती मौके पर पहुंचे और न ही किसान। ऐसे में तौल नहीं हो सकी। कुछ किसान संघ ने मंडी सचिव पर देरी से पहुंचने का आरोप भी लगाया है।

मंडियों में धान की आवक इस बार तेज है। साथ ही धान की पैदावार भी पिछले वर्ष की अपेक्षा आठ फीसद अधिक है। एक अक्टूबर से ही धान का आवक शुरू हो गया था। सरकार ने कच्चे आढ़तियों के लिए 700 क्विटल खरीद की स्वीकृति दी है, जिसका पालन भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में बैक डोर से धान खरीद हो रही है। किसानों को औने-पौने दाम यानि 1200-1400 में कच्चे आढ़ती धान खरीद रहे हैं। इसे लेकर किसान संगठन ने कई बार पिछली बार की तरह खुली बोली लगाने की मांग की थी। जिससे किसानों को सरकारी तय रेट मिल सके। सोमवार को एसडीएम और मंडी सचित तथा राइस मिलर्स किसान की बैठक में खुली बोली कर धान तौल कराने की स्वीकृति मिली। मंडी सचिव आशा गोस्वामी ने कहा कि सुबह से तौल के साथ वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे मंडी सचिव और टीम गल्ला मंडी रुद्रपुर पहुंची। लेकिन वहां 90 फीसद किसान जा चुके थे। ऐसे में बोली लगाकर खरीद नहीं हो सकी। मौके पर कुछ किसानों ने कहा कि धान तौल के लिए किसान सुबह छह बजे से ही मंडी पहुंचने लगते हैं। ऐसे में जब खुली बोली के लिए टीम नौ बजे पहुंचेगी तो किसान तब तक क्या करेंगे। वह तौल कराकर निकल गए।

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मंगलवार से बोली लगाकर धान तौल होनी थी, लेकिन किसान आढ़ती सूचना के अभाव में नहीं आए। बुधवार आठ बजे से बोली लगाई जाएगी।

- आशा गोस्वामी, मंडी सचिव, रुद्रपुर

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