मछली विवाद में हत्या: किच्छा के पिता-पुत्र को उम्रकैद, 10 हजार का जुर्माना
किच्छा में मछली बेचने के विवाद में हुई हत्या के मामले में पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। किच्छा निवासी युवक की हत्या करने वाले पिता पुत्र को तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जबकि तीसरा हत्यारोपित नाबालिग है, उसके विरुद्ध किशोर न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि वार्ड सात किच्छा निवासी आसिफ पुत्र स्व. नोशे अली ने पुलिस को तहरीर दी थी। उसका कहना था कि 18 नवंबर 2021 की सुबह उसका भाई मो. आशिक किच्छा स्थित आढ़त में मछली का व्यवसाय कर रहा था।
इसी दौरान वार्ड सात निवासी नहीम और उसके दोनों पुत्र क्षिमाल व एक नाबालिग पुत्र ने आढ़त के सामने मछली बेचने के लिए तख्त डाल दिया। आशिक ने इसका विरोध किया तो तीनों ने तख्त के नीचे से पाटल निकाल लिया और उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
गंभीर चोट लगने से आशिक मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसे निजी अस्पताल ले गए, लेकिन हालत में सुधार न होने पर मेदांता अस्पताल गुरुग्राम ले जाया गया।
वहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने जानलेवा हमले की प्राथमिकी को हत्या में तरमीम कर जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
अभियोजन की ओर से 21 गवाह पेश किए गए। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नहीम, क्षिमाल को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीनों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
