उत्तराखंड: मानकों पर खरा नहीं उतरा रुद्रपुर की खेड़ा कॉलाेनी का मदरसा, प्रशासन ने किया सील
रुद्रपुर में खेड़ा कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया निजामिया खलील उल उलूम मानकों पर खरा न उतरने के कारण सील कर दिया गया।

HighLights
रुद्रपुर का मदरसा जामिया निजामिया खलील उल उलूम मानकों पर सील।
मान्यता आवेदन न होने और अपर्याप्त ढांचे के कारण कार्रवाई।
गदरपुर के आवासीय मदरसे को बच्चों को स्थानांतरित करने का नोटिस।
जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। प्रशासन की टीम ने रुद्रपुर और गदरपुर क्षेत्र के मदरसों का निरीक्षण किया। इस दौरान वार्ड नंबर 18, खेड़ा कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया निजामिया खलील उल उलूम में निर्धारित मानकों की कमी मिलने पर उसे सील कर दिया गया। वहीं भोला कॉलोनी, गदरपुर स्थित आवासीय मदरसा दारुल उलूम सकलैनिया के प्रबंधक को बच्चों को जल्द दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कराने का नोटिस दिया गया है।
निरीक्षण के दौरान टीम ने मदरसे के भवन, कक्षों, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की जांच की। प्रशासन के अनुसार खेड़ा कॉलोनी स्थित मदरसे ने शिक्षा विभाग में मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया था। इसके साथ ही वहां पर्याप्त आधारभूत ढांचा भी नहीं पाया गया। मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण मदरसे को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
गदरपुर के भोला कॉलोनी स्थित दारुल उलूम सकलैनिया का भी टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। यह आवासीय मदरसा बेहद कम और अपर्याप्त जगह में संचालित होता मिला। आवासीय व्यवस्था होने के कारण बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए प्रबंधक को नोटिस जारी किया गया है। उन्हें जल्द बच्चों को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मदरसे को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जा सके।
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य किसी धर्म या धार्मिक शिक्षा को प्रभावित करना नहीं, बल्कि बच्चों को समान शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था में धार्मिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा के साथ बच्चों को आधुनिक शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों में भवन, सुरक्षा, स्वच्छता, कक्षों और अन्य आवश्यक सुविधाओं के निर्धारित मानकों का पालन जरूरी होगा।
