पुलिस के पहेली बना उत्तराखंड का कांति हत्याकांड: शिकायत करने गई थी थाने, देर रात लौटी... सुबह मिली लाश
काशीपुर में कांति झा हत्याकांड की गुत्थी तीसरे दिन भी अनसुलझी है, पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। माता-पिता ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, काशीपुर। कांति हत्याकांड की गुत्थी तीसरे दिन भी नहीं सुलझी है। पुलिस संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कुछ साक्ष्य मिले हैं लेकिन घटना की कड़ी नहीं जुड़ने से पुलिस उलझी है। स्वजन से स्पष्ट कारण नहीं मिल पा रहा, जिसे हत्या की वजह मान पुलिस जांच आगे बढ़ाए।
पता चला है कि घटना की रात कांति के घर जमकर विवाद हुआ था। बुधवार रात कांति ने डायल 112 पर पुलिस को झगड़े की सूचना दी थी। बाद में वह जानी नाम के युवक के साथ आइटीआइ कोतवाली भी पहुंची। वह अपनी मां व विकास नाम के युवक पर कार्रवाई की मांग कर रही थी। वह काफी गुस्से में थी। पुलिस के समझाने पर देर रात 1:15 बजे के आसपास वह घर लौट गई थी। अगली सुबह पांच किमी दूर उसका शव मिला था।
घर में क्या हुआ?
देर रात घर में क्या हुआ इसकी जानकारी परिवार से मिल सकती है। इसी दिशा पर काम करते हुए पुलिस ने मृतका की मां बिंदुल झा को घटना के बाद से ही पुलिस अभिरक्षा में रखा है। मृतका की मां जानी पर शक जता रही व पिता बुच्ची झा विकास नाम के युवक पर परिवार से अक्सर झगड़ने व मारपीट का आरोप लगा रहे, इसलिए भी पुलिस उलझी है।
देहरादून से आई मृतका की बड़ी बहन शांति से पूछताछ होनी बाकी है। घर में तो कुछ अनहोनी नहीं हुई, इसे जांचने के लिए फोरेंसिक टीम ने शुक्रवार को मृतका के घर का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। गुरुवार को रामनगर हाईवे किनारे जहां शव मिला था वहां से साक्ष्य एकत्र किए थे।
चुनौती : शव मिलने वाले स्थान पर सीसीटीवी नहीं
पुलिस की चार टीमें 400 सीसीटीवी खंगाल चुकी हैं। अभी तक घटना के पहले तक की फुटेज देख पाई है। उसमें कांति आइटीआइ कोतवाली से बाइक सवार के साथ घर लौटती दिख रही है। रात फिर क्या हुआ इसका फुटेज नहीं मिला है। जहां शव पड़ा था उधर आसपास सीसीटीवी नहीं है, इससे पुलिस की चुनौती बढ़ी हुई है। गुरुवार तड़के लगभग दो से चार बजे के बीच रामनगर रोड क्षेत्र में बिजली गुल थी। इस अवधि में सीसीटीवी फुटेज में कुछ साफ नहीं दिख रहा।
अस्पताल में दिख रही विकास की मौजूदगी
जिस विकास को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है वह घटना वाली रात अस्पताल के सीसीटीवी में दिख रहा। बताया गया कि उसके भाई का एक्सीडेंट हुआ था, जिस कारण वह एक निजी अस्पताल में भाई के साथ था।
जल्दबाजी में असल अपराधी बच न जाए
मृतका के अंतिम बार जानी नामक युवक के साथ देखे जाने के आधार पर पुलिस उसे आरोपित बना सकती है। सीसीटीवी में वह कांति को उसके घर छोड़ता दिख रहा है। जल्दबाजी में जानी आरोपित बने और घटना को अंजाम देने वाला असल आरोपित बच न जाए इस दिशा में भी पुलिस काम कर रही। पिछले दिनों संजीव हत्याकांड में पत्नी तहरीर देने आगे आई थी और पति को हत्यारों को सामने लाने की बात कह रही थी। मामला खुलने पर उसी के कहने पर कथित प्रेमी द्वारा संजीव को मारने की बात सामने आई थी।
एसएसपी ने गहनता से जांच के दिए निर्देश
शुक्रवार शाम चार बजे एसएसपी अजय गणपति ने काशीपुर पहुंचकर शव मिलने वाले स्थल का निरीक्षण किया। घटना के अनावरण के लिए चार टीमों का गठन किया और जांच अधिकारी समेत टीम को दिशा- निर्देेश दिए। एसएसपी ने मृतका की मां से भी पूछताछ की। रात एक बजे तक एसएसपी काशीपुर में ही डटे रहे।
नहीं लगी थी गोली, भारी वस्तु से मारने का अंदेशा
शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आनी बाकी है। शुरुआती तौर पर इतना स्पष्ट हो गया कि कांति के सिर के पिछले हिस्से में जिस घाव को गोली का होना बताया जा रहा था वह लोहे के किसी भारी वस्तु से होना प्रतीत हुआ है। मृतका के साथ यौन उत्पीड़न की भी घटना नहीं हुई है। ऐसे में हत्या की वजह क्या थी, इससे पुलिस के लिए और उलझन हो गई है।
पोस्टमार्टम में देरी से रात 11 बजे हुई शव अंत्येष्टि
काशीपुर उप जिला अस्पताल के डाक्टर व पुलिस की लापरवाही से कांति के शव को 170 किमी दौड़ाया गया। इसमें मृत शरीर की बेकद्री के साथ स्वजन को चक्कर काटने पड़े। 18 वर्षीय कांति का शव पैनल पोस्टमार्टम के लिए गुरुवार रात हल्द्वानी राजकीय मेडिकल कालेज ले जाया गया। डाक्टरों ने मृतक की ईसीजी रिपोर्ट नहीं होने पर पोस्टमार्टम से मना कर दिया।
शुक्रवार दोपहर में स्वजन व पुलिस शव को 85 किमी दूर काशीपुर लेकर आए। शव का दोबारा ईसीजी कराने व रिपोर्ट लेकर हल्द्वानी जाने के बाद शाम 6:30 बजे पोस्टमार्टम हो पाया। रात 11 बजे ढेला नदी किनारे स्थित श्मशान घाट पर शव की अंत्येष्टि हुई। पिता ने शव को मुखाग्नि दी। पुलिस अभिरक्षा में लाई गई मां बिंदुल को पुलिस फिर साथ ले गई। बहन शांति झा, चचेरा भाई, सामाजिक कार्यकर्ता गगन कांबोज अंत्येष्टि में शामिल रहे।
