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उत्तराखंड में सरकारी अस्पताल के हाल: ओपीडी में बैकअप नहीं, कैंडल लाइट में मरीजों की जांच

Published: Wed, 09 Sep 2026 11:54 AM (IST)

काशीपुर के एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में बिजली गुल होने पर ओपीडी में मरीजों की जांच मोबाइल या मोमबत्ती की रोशनी में करनी पड़ती है।

HighLights

  1. एलडी भट्ट अस्पताल की ओपीडी में बिजली बैकअप की कमी

  2. बिजली जाने पर डॉक्टर मोबाइल, मोमबत्ती की रोशनी में करते जांच

  3. इन्वर्टर-जनरेटर केवल सीएमएस कार्यालय से जुड़े, ओपीडी को नहीं

राजेश शर्मा, काशीपुर। सरकारी अस्पताल में मरीजों को बेहतर उपचार देने के दावे बिजली जाते ही हवा हो जाते हैं। एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में बिजली आपूर्ति बाधित होते ही ओपीडी की व्यवस्था चरमरा जाती है।

अस्पताल में इनवर्टर और जनरेटर होने के बावजूद इनका कनेक्शन मरीजों की जांच वाली ओपीडी में नहीं है। नतीजा, बिजली गुल होते ही कई कक्ष अंधेरे में डूब जाते हैं और चिकित्सकों को मोबाइल फोन अथवा मोमबत्ती की रोशनी में मरीजों की जांच करनी पड़ती है।

अंधेरे में चली जाती है ओपीडी 

जागरण पड़ताल में सामने आया कि अस्पताल में वैकल्पिक बिजली व्यवस्था के संसाधन उपलब्ध हैं, लेकिन उनका लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच रहा। अस्पताल सूत्रों के अनुसार इनवर्टर और जनरेटर के कनेक्शन सीएमएस कार्यालय में ही किए गए हैं। ऐसे में बिजली कटौती के दौरान प्रशासनिक कार्यालय में बैकअप बना रहता है, जबकि मरीजों की जांच और उपचार करने वाली ओपीडी अंधेरे में चली जाती है।

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चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान पर्याप्त रोशनी बेहद जरूरी होती है। कम रोशनी में मरीजों की जांच करने में चिकित्सकों को परेशानी होती है। वहीं मरीजों को भी बिजली बहाल होने का इंतजार करना पड़ता है या उपलब्ध रोशनी के सहारे जांच करानी पड़ती है। इससे अस्पताल की विद्युत व्यवस्था और बैकअप प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में बिजली जाने पर ओपीडी जैसी जरूरी सेवा का प्रभावित होना व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाता है। सवाल यह भी है कि जब अस्पताल में जनरेटर और इनवर्टर उपलब्ध हैं तो मरीजों की जांच वाले कक्षों को बैकअप से क्यों नहीं जोड़ा गया?

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अस्पताल में उपचार के साथ जरूरी सुविधाएं भी निर्बाध मिलनी चाहिए। बिजली जाते ही चिकित्सकों को मोबाइल या मोमबत्ती की रोशनी में मरीजों की जांच करते देखना मरीजों के लिए परेशानी और चिंता का कारण बन रहा है।

एनजीओ के सहयोग से ओटी में लगा इनवर्टर

लंबे समय से आपरेशन थियेटर में इनवर्टर की समस्या का समाधान नहीं होने पर एक एनजीओ ने वहां इनवर्टर कनेक्शन लगवाया। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी ओटी में आपरेशन प्रभावित नहीं होते और चिकित्सकीय कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।

जनरेटर का कनेक्शन सभी जगह है। हाल ही में तार जलने के कारण शनिवार को कुछ घंटे जनरेटर ने काम नहीं किया था। यदि किसी चिकित्सक की ओपीडी में इनवर्टर बैकअप नहीं ले रहा है तो उसका समाधान कराया जाएगा। - डा. संदीप दीक्षित, सीएमएस