जागरण संवाददाता, रुद्रपुर : विकास भवन को आइएसओ प्रमाण पत्र मिलने को एक उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया गया। विकास भवन परिसर को मिले प्रमाण पत्र को मंडलायुक्त राजीव रौतेला, डीएम नीरज खैरवाल व सीडीओ मयूर दीक्षित ने एक साथ जारी किया। पर इंटरनेशनल स्टैंडर्ड आर्गनाइजेशन का यह सर्टिफिकेट कुछ हजार रुपये में ही आसानी से उपलब्ध है। थोड़ी सी बारिश से विकास भवन के कई दफ्तरों में छत से पानी छपकने लगता है। ऐसे में लोगों की जेहन में कई सवाल उठ रहे हैं कि आखिर आइएसओ का प्रमाण पत्र लेने के लिए पीछे प्रशासन की क्या मंशा थी।

कंपनी, ट्रेड व संस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा बताने वाला आइएसओ सर्टिफिकेट खुलेआम बिक रहा है। बस कुछ खर्च करना पड़ेगा, जिसे कोई भी आसानी से प्रमाण पत्र खरीद सकता है। आपका कंसलटेंट नामक बेवसाइट पर जाने से पता चला कि मात्र 3349 रुपए का भुगतान करने पर यह प्रमाण पत्र सात दिनों में उपलब्ध हो जाता है। जिसमें किसी भी तरह के ऑडिट व मानक की आवश्यकता नहीं है। जोधपुर राजस्थान की इस कंपनी के दावे विस्तार से बेवसाइट पर उपलब्ध भी हैं, जिसे कोई भी आसानी से देख सकता है। जबकि विकास भवन को आइएसओ सर्टिफिकेट मिलने के बाबत मुख्य विकास अधिकारी मयूर दीक्षित के दावे अलग हैं। उन्होंने बताया कि पहले संस्था के सदस्य पूरे भवन का ऑडिट करते हैं। जिसमें सफाई व रखरखाव आदि पर ध्यान दिया जाता है। इसके बाद ही आइएसओ 9001-2015 का प्रमाण पत्र मिल पाया। विकास भवन की छत से टपक रहे पानी को सीडीओ अलग मामला बता रहे हैं।

दैनिक जागरण ने मंगलवार को विकास भवन की पड़ताल की तो छतों से बारिश का पानी कई दफ्तरों में टपकता पाया। अब जारी प्रमाण पत्र की सत्यता सामने आई तो लोग इस पर कई सवाल उठाने लगे और प्रमाण पत्र प्राप्त करने के पीछे प्रशासन की मंशा को लेकर तरह तरह की चर्चाएं करते दिखे। आखिर इसके पीछे प्रशासन की क्या मंशा है, यह तो प्रशासन ही जान सकता है।

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किसी भवन या संस्था के लिए आइएसओ 9001-2015 का प्रमाण पत्र पाने के लिए 3349 रुपये का भुगतान करना होगा, जिसके बाद एक सप्ताह में प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया जाएगा।

-प्रखर, एक्जीक्यूटिव, आपका कंसलटेंट, आइएसओ जोधपुर, राजस्थान

Edited By: Jagran