संवाद सहयोगी, खटीमा: चिह्नित उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी समिति ने सरकार से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने का अनुरोध किया है। साथ ही दो अक्टूबर तक सभी लंबित मांगों का निस्तारण न होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।

सिंचाई विभाग के अतिथि गृह में मंगलवार को हुई बैठक में शाखाध्यक्ष भूपेंद्र भंडारी ने कहा कि 31 अगस्त को हुई महापंचायत के माध्यम से सरकार के समक्ष 10 फीसद क्षैतिज आरक्षण, पेंशन वृद्घि, वंचित आंदोलनकारियों के चिह्नीकरण आदि मांगों को उठाया गया है। सरकार ने इन पर कार्रवाई का भरोसा भी दिलाया है। हालांकि अभी तक इस दिशा में कोई पहल होती नहीं दिखाई दे रही है। केंद्रीय महामंत्री भगवान जोशी ने चेतावनी दी कि यदि दो अक्टूबर तक आंदोलनकारियों की मागों के संबंध में सरकार कोई कारगर कदम नहीं उठाती तो प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि विधानसभा सत्र में राज्य आंदोलनकारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव पास किए जाएं। इस मौके पर आंनद सिंह भंडारी, गीता पुनेठा, कौशल्या बाफिला, अली अहमद, मनोज अग्रवाल, भागीरथी देवी, अनिल जोशी, दुर्गा सिंह सामंत, भूपेंद्र पुनेरा, कमला पांडे, भागीरथी देवी, इंदु पोखरिया, कलापति पांडे आदि मौजूद थे।

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