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एक लाख का इनामी गैंगस्टर योगेश भदौरिया गिरफ्तार, हत्या-गैंगस्टर जैसे 46 मामले रजिस्टर

Published: Wed, 08 Jul 2026 07:11 PM (IST)

आइटीआइ पुलिस ने काशीपुर में एक लाख के इनामी गैंगस्टर योगेश मलिक उर्फ भदौरिया को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है।

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संस जागरण, काशीपुर। आइटीआइ पुलिस ने उत्तर प्रदेश के शातिर और एक लाख रुपए के इनामी गैंगस्टर योगेश मलिक उर्फ भदौरिया को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। योगेश लंबे समय से यूपी पुलिस और खुफिया एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।

एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि बुधवार को डायल-112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि चैती मेला मार्ग पर एक संदिग्ध व्यक्ति घूम रहा है।

आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार

सूचना मिलते ही कोतवाली आइटीआइ की पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने कालर की निशानदेही पर पुरानी चौकी चैती के पास स्थित एक खंडहर के निकट घेराबंदी की और संदिग्ध को दबोच लिया।

पूछताछ में उसने अपना नाम योगेश मलिक उर्फ भदौरिया पुत्र भोपाल सिंह, 53 वर्ष, निवासी ग्राम भदौड़ा, थाना रोहटा, जनपद मेरठ, उत्तर प्रदेश बताया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक 315 बोर का तमंचा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने उसे धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद जब कोतवाली लाकर पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पकड़ा गया व्यक्ति उत्तर प्रदेश का मोस्ट वांटेड और इनामी गैंगस्टर निकला।

जब अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क साधा गया, तो पता चला कि उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, बुलंदशहर, बागपत और गाजियाबाद सहित विभिन्न जनपदों के अलग-अलग थानों में 46 से अधिक संगीन आपराधिक मामले पंजीकृत हैं। जिनमें हत्या (302 आइपीसी), हत्या के प्रयास (307 आइपीसी), गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट जैसे बेहद गंभीर मामले शामिल हैं। थाना गंगोह, सहारनपुर पुलिस द्वारा उस पर घोषित एक लाख के इनाम की पुष्टि की गई है। टीम में प्रभारी निरीक्षक विक्रम राठौर, उनि हरविंदर सिंह, हे.का. सिराज हुसैन, का. रमेश बंगयाल और पीआरडी जवान अनिल शामिल रहे।

लंबा आपराधिक इतिहास

योगेश मलिक उर्फ भदौरिया का अपराध की दुनिया में पुराना और खौफनाक इतिहास रहा है। उसके विरुद्ध थाना सरूरपुर, जानी, कंकरखेड़ा (मेरठ), अहमदगढ़, शिकारपुर (बुलंदशहर) और बड़ौत (बागपत) में हत्या के दर्जनों मामले, मेरठ और बुलंदशहर के विभिन्न थानों में कई बार गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले व बुलंदशहर और मेरठ में रंगदारी और लूट (392/386 आइपीसी) के मामले पंजीकृत हैं। फिलहाल पुलिस द्वारा आरोपित का विस्तृत आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। साथ ही संबंधित राज्यों की पुलिस को इसकी सूचना दी गई है।