किसान मेला: उत्तराखंड में ‘गंगा वरदान’ नारियल से बढ़ सकती है किसानों की आय
उत्तराखंड के मैदानी और तराई क्षेत्रों के किसानों के लिए 'गंगा वर्धन' नारियल की खेती आय का नया विकल्प लेकर ...और पढ़ें
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राजेश मिश्रा, जागरण. पंतनगर। उत्तराखंड के मैदानी और तराई क्षेत्रों में धान-गेहूं की पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय का विकल्प तलाश रहे किसानों के लिए गंगा वर्धन नारियल नई संभावना लेकर आया है।
दक्षिणी राज्यों केरल, तमिलनाडु, आंध प्रदेश व ओडिशा आदि राज्यों में उत्पादित होने वाले इस हाइब्रिड नारियल को किच्छा के किसान ने सितारगंज व किच्छा उगाया है। साथ ही तराई के लिए इसकी अनुकूलता को देखते हुए इसकी नर्सरी भी तैयार कर ली है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में चल रहे 120वें अखिल भारतीय किसान मेले में किच्छा के किसान योगेंद्र कुमार की ओर से लाए गए इस गंगा वर्धन (स्थानीय नाम गंगा वरदान) नारियल के पौधों को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला।
दरअसल, करीब डेढ़ साल पहले कमल नर्सरी के संचालक योगेंद्र ने किच्छा व सितारगंज क्षेत्र में दक्षिण से लाए 60 पौधे रोपे। तीसरे साल से ये फल भी देने लगेंगे। इन पौधों की अच्छी बढ़वार को देखते हुए उन्होंने इसकी नर्सरी तैयार कर ली है।
नारियल मूल रूप से उष्णकटिबंधीय (ट्रापिकल) और तटीय इलाकों का पौधा है। पर्वतीय क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त नहीं हैं लेकिन ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल के मैदानी क्षेत्रों में किसानों को अतिरिक्त आय का अवसर मिल सकता है।
एक एकड़ में करीब 100 पौधे
25 गुणा 25 फीट की दूरी पर पौधे लगाने पर एक एकड़ में करीब 100 से 108 पौधे लगाए जा सकते हैं। पौधे की कीमत करीब 200 से 250 रुपये है। गड्ढे, खाद और सिंचाई समेत शुरुआती खर्च करीब 15 से 20 हजार रुपये आ सकता है।
कुछ राज्यों में नारियल विकास बोर्ड की ओर से सब्सिडी भी दी जाती है। सामान्य नारियल जहां छह-सात साल में फल देता है वहीं गंगा वर्धन तीन से चार साल में देने लगता है। एक पेड़ से सालाना 100 से 150 नारियल मिल सकते हैं। योगेंद्र के अनुसार उत्तराखंड में इसे बड़े पैमाने पर लगाने से पहले स्थानीय कृषि विशेषज्ञों की सलाह और सीमित क्षेत्र में परीक्षण करना जरूरी होगा।
एक पेड़ से 60 से 100 साल तक कमाई
बाजार में 60-80 रुपये में मिलने वाला एक नारियल का किसान को थोक भाव करीब 35-45 रुपये मिल जाता है। इस हिसाब से 100 पेड़ों से सालाना लाख से 3-4 लाख रुपये की आय हो सकती है। सबसे बड़ा फायदा यह है कि नारियल का पेड़ एक बार लगने के बाद 60 से 100 साल तक लगातार फल देता है।
