यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शिक्षिका पर पिटाई का आरोप लगाकर छात्रा ने दिया धरना, फिर पहुंची थाने
काशीपुर में एक छात्रा ने शिक्षिका पर मारपीट का आरोप लगाया। स्कूल में ही धरना देने के बाद वह पुलिस ...और पढ़ें

काशीपुर, [जेएनएन]: उत्तराखंड के उधमसिंह नगर स्थित एक राजकीय इंटर कॉलेज की छात्रा ने शिक्षिका पर मारपीट करने का आरोप लगाया। नाराज होकर छात्रा स्कूल के गेट के बाहर पहुंची और धरना देने लगी। कुछ देर बाद वह वहां से पुलिस स्टेशन पहुंच गई। फिर क्या हुआ पढ़ें।
काशीपुर में मोहल्ला महेशपूरा, जीत कालोनी निवासी लाल बहादुर की पुत्री आरती राजकीय कन्या इंटर कालेज की कक्षा 12 वीं की छात्रा है। छात्रा की एनसीसी परीक्षा 18 फरवरी को होनी है। इसके लिए उनकी स्कूल की छात्राओं का पिछले साल 16 जुलाई से 25 जुलाई तक रानीबाग, हल्द्वानी में एनसीसी कैम्प लगाया गया था। इसमें वह भी हिस्सा लेने गई थी। लेकिन, बीच में ही बीमार होने का हवाला देकर कैंप छोड़कर चली गई थी।
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अब क्योंकि उसे एनसीसी की परीक्षा में शामिल होना है। ऐसे में सर्टिफिकेट बनाने को लेकर वह स्कूल में पहुंची। लेकिन कैंप में पूरी भागीदारी न होने की बात कहकर स्कूल प्रशासन ने सर्टिफिकेट देने से इंकार कर दिया। इस छात्रा ने स्कूल में पहुंचकर आरोप लगाया कि पिछले साल 26 जुलाई को कैंप खत्म होने के बाद जब वह स्कूल पहुंची थी तो उक्त शिक्षिका ने उसके साथ मारपीट की।
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मारपीट का आरोप लगाते हुए छात्रा स्कूल के गेट पर पहुंच गई। करीब 10 मिनट तक वहीं बैठी रही। फिर थाने में पहुंचकर उसने शिक्षिका और प्रधानाचार्य की शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।
इस बीच प्रधानाचार्य कामिनी वर्मा भी 10 शिक्षिकाओं को लेकर कोतवाली पहुंच गईं। उन्होंने छात्रा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि बेवजह आरोप लगाकर कालेज को बदनाम कर रही है। बताया कि कैम्प का प्रमाण पत्र एनसीसी अफसर देते हैं। वह इसमें कुछ नहीं कर सकती हूं।
